कांग्रेस-TMC में जारी है दरार, फिर भी राहुल का ममता पर भरोसा; बोले- दीदी INDIA की बड़ी पार्टनर

INDIA Alliance Meeting, Rahul Gandhi Calls Mamata Banerjee: "I Told  Him...": Mamata Banerjee To Rahul Gandhi After Postponed INDIA Meet

नई दिल्‍ली । इंडिया अलायंस में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और ममता बनर्जी के बीच जारी तकरार के बीच राहुल गांधी ने कहा है कि ममता बनर्जी अभी भी विपक्षी गठबंधन का प्रमुख हिस्सा हैं। राहुल ने कहा कि नीतीश कुमार के अलावा बाकी सभी सदस्य आज भी गठबंधन में मजबूती से खड़े हैं।

नीतीश को छोड़कर बाकी सभी नेता इंडिया का हिस्‍सा

राहुल ने कहा कि नीतीश कुमार ने क्यों गठबंधन छोड़ दिया और क्यों वह भाजपा के साथ गए, इसका अनुमान आप लगा सकते हैं। राहुल ने कहा कि हम बिहार में इंडिया अलायंस के रूप में मजबूती से लड़ेंगे। उन्होंने मीडिया का सवालों का जवाब देते हुए उन अटकलों को खारिज कर दिया कि गठबंधन में फूट है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश को छोड़कर बाकी सभी साथी गठबंधन का हिस्सा हैं।

पीएम मोदी खुद ओबीसी फिर जनणगना क्‍यों नहीं

भारत जोड़ो न्याय यात्रा कर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम मोदी के ‘सबसे बड़े ओबीसी’ वाले बयान पर कहा, “सवाल सबके सामने है। पीएम खुद को ओबीसी कहते हैं फिर बीच में वो कंफ्यूज हो जाते हैं और फिर कहने लगते हैं कि देश में सिर्फ दो ही जातियां हैं- अमीर और गरीब। इसलिए उन्हें पहले फैसला करना चाहिए कि वो ओबीसी हैं या नहीं। हम चाहते हैं कि देश में जाति जनगणना कराई जाए, बिना इसके उन्हें सामाजिक-आर्थिक न्याय नहीं दिया जा सकता।”

आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाई जाएगी

राहुल की यात्रा आज ओडिशा पहुंची है। इससे पहले सोमवार को उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव के बाद केंद्र में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने पर राष्ट्रव्यापी जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीमा हटाई जाएगी। गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और कहा कि जब जाति आधारित जनगणना की मांग उठी और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी), दलितों और आदिवासियों को अधिकार देने का समय आया, तो प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई जाति नहीं है, लेकिन जब वोट लेने का समय आता है तो वह कहते हैं कि वह ओबीसी हैं।

गांधी ने यह आरोप भी लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो)-कांग्रेस- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सरकार को गिराने का प्रयास किया, क्योंकि मुख्यमंत्री एक आदिवासी थे।