हिमाचल प्रदेश के छह शहरों का पारा माइनस, बिलासपुर में छाया रहा कोहरा

शिमला । हिमाचल प्रदेश के उच्च पर्वतीय इलाकों में हुए हल्के हिमपात के बाद ठंड बढ़ गई है। प्रदेश भीषण सर्दी की चपेट में है। बीते 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 1.4 डिग्री की गिरावट आई है।

राज्य के मैदानी क्षेत्रों में भी पारा शून्य के नीचे दर्ज किया जा रहा है। राज्य के छह शहरों का न्यूनतम पारा शनिवार को माइनस में रिकॉर्ड किया गया। राजधानी शिमला समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप खिली है। हालांकि बिलासपुर में घना कोहरा छाया है और दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान मैदानी व मध्यपर्वतीय इलाकों में मौसम के साफ रहने और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ गिरने की सम्भावना जताई है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल स्पीति जिला का समधो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -5.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इसके अलावा कुकुमसेरी में -5.8 डिग्री, कल्पा में -3.6 डिग्री, नारकंडा में -2.1 डिग्री, मनाली में -1.5 डिग्री और रिकांगपिओ में -0.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी तरह सराहन व सियोवाग में 0.5 डिग्री, भरमौर व मंडी में 0.9, भुंतर में 0.7, बरठीं में 1 डिग्री, सुंदरनगर में 1.1, शिमला में 4, ऊना में 3,धर्मशाला में 5.2, पालमपुर में 3.5, सोलन में 2.6, कांगड़ा में 4.6, डल्हौजी में 2.7, जुब्बड़हट्टी में 6.6, कुफ़री में 1.4, धौलाकुंआ में 3.9, पांवटा साहिब में 7 और देहरा गोपीपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विक्षोभ के प्रभाव से 30 व 31 जनवरी को पहाड़ी इलाकों में बर्फ़बारी होने के आसार हैं। विभाग के पूर्वानुमान से पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली, डल्हौजी में बर्फ गिरने की सम्भावना बनी हुई है। सैलानियों को शिमला और मनाली में विंटर सीजन की पहली बर्फ़बारी का बेसब्री से इंतज़ार है। हालांकि अगले तीन-चार दिन मैदानी भागों में बादलों के बरसने के आसार नहीं हैं। राज्य में लगभग बीते दो महीनों से शुष्क मौसम चल रहा है। बारिश न होने से कृषि व बागवानी को भारी नुकसान होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार जनवरी महीने में राज्य में सामान्य से 99 फीसदी कम बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 1966 में जनवरी में सामान्य से 99.5 फीसदी कम बारिश हुई थी।