केंद्र की शक्तियां ‘हड़पने’ की कोशिश में राज्‍य सरकार, ED ने हेमंद सरकार पर लगाया गंभीर आरोप

नई दिल्‍ली । में लेटर वार शुरू हो गया है। ईडी (ED) ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाया है। ईडी ने पत्र में लिखा कि धनशोधन की जांच में उसका कोई ‘कानूनी अधिकार’ नहीं है। रअसल, ईडी ने झारखंड सरकार को पत्र लिखकर उस पर केंद्र की शक्तियां ‘हड़पने’ की कोशिश करने का आरोप लगाया है। ईडी ने यह संक्षिप्त पत्र झारखंड की प्रधान सचिव (कैबिनेट सचिवालय एवं सतर्कता) वंदना दालेल को बुधवार को भेजा। यह पत्र दालेल की उस चिट्ठी के जवाब में है, जो उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय के जांच अधिकारी को लिखी थी। दालेल ने ईडी के जांच अधिकारी से एक धनशोधन मामले के बारे में सूचनाएं मांगी हैं, जिसमें ईडी ने आईएएस अधिकारी एवं साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव एवं कुछ अन्य को तलब किया है।

अवैध खनन केस में इन लोगों के यहां छापा पड़ा

ईडी ने इस माह के प्रारंभ में कथित अवैध खनन के सिलसिले में इन लोगों के यहां छापा मारा था। दालेल द्वारा चिट्ठी लिखे जाने से पहले झारखंड मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह ऐसे दिशानिर्देशों को मंजूरी प्रदान की थी, जिनमें झारखंड के नौकरशाहों के लिए यह अनिवार्य किया गया था कि ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों से नोटिस और समन मिलने पर वे विभागीय प्रमुखों के माध्यम से राज्य मंत्रिमंडल सचिवालय एवं सतर्कता विभाग को इसकी सूचना देंगे। यह निर्णय ऐसे समय लिया गया है जब ईडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत बड़े नेताओं और नौकरशाहों के खिलाफ कई धनशोधन जांच कर रही है। ईडी के जांच अधिकारी ने प्रधान सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल की ओर से जारी आदेश और इस बारे में ईडी को भेजी गयी ‘सरकार के कानूनी अधिकार क्षेत्र के बाहर’ है।

ईडी उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करेंगी

ईडी जांच अधिकारी के इस पत्र में चेतावनी दी गयी है कि यदि कोई उसके समन की अवज्ञा के लिए उकसाता है या उकसाने की साजिश रचता है तो ईडी उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से भी नहीं हिचकेगी। जांच अधिकारी ने दालेल से कहा कि समन तो ‘व्यक्तिगत रूप’ से उन्हें नहीं, बल्कि नामित व्यक्तियों को जारी किये गये हैं, ऐसे में आश्चर्य है कि वह इस मामले में ‘दखल’ क्यों दे रही हैं। 19 जनवरी को राजभवन का घेराव करेंगे आदिवासी संगठन बता दें कि ईडी की कार्रवाई के खिलाफ 19 जनवरी को आदिवासी संगठन प्रदर्शन करेंगे।

8 से अधिक जिलों से आदिवासी लोग प्रदर्शन में शामिल

आदिवासी जनसंगठनों का आरोप है कि जनता के द्वारा निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है। राज्य के 8 से अधिक जिलों से आदिवासी लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे। इस प्रदर्शन को 6 आदिवासी संगठनों का समर्थन है। आक्रोश के मद्देनजर साहिबगंज जिला कमेटी ने मशाल जुलूस निकाला और बंद का आह्वान किया।

सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि एक आदिवासी सीएम को बार-बार समन जारी करना सरकार को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा है। अजय तिर्की ने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकार के साथ साजिश को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह झारखंड के लोगों का अपमान है। उन्होंने कहा कि सभी आदिवासी जनसंगठनों ने निर्णय किया है कि 19 जनवरी को राजभवन के समक्ष दिनभर विरोध प्रदर्शन करेंगे।