IIM कोलकाता में निदेशक पर यौन उत्पीड़न का आरोप, शिकायत मिलने पर पद से हटाया

Victim cries foul as cops say no evidence against IIM director in sexual  harassment case - Hindustan Times

नई दिल्‍ली । IIM-C यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट कोलकाता में एक बार फिर कार्यकाल (Tenure)पूरा होने से पहले निदेशक (director)को हटा दिया गया। निदेशक के खिलाफ यौन उत्पीड़न (sexual harassment)की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई है। इसके अलावा उन्हें किसी भी अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भी तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया है।

संस्थान की ICC या आंतरिक शिकायत समिति को प्रभारी निदेशक सहदेव सरकार के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत मिली थी। यह प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरेसमेंट ऑफ वुमन एट द वर्कप्लेस (POSH) के तहत दर्ज कराई गई थी। शिकायत मिलने के बाद ICC ने उन्हें पद से हटाए जाने की सिफारिश की थी।

दरअसल, ICC की तरफ से सरकार के पद पर बने रहने के दौरान निष्पक्ष जांच को लेकर चिंता जाहिर की थी। फिलहाल, साईबल चट्टोपाध्याय अब प्रभारी निदेशक का पद संभाल रहे हैं। इधर, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की भी 6 जनवरी को विशेष बैठक हुई थी, जिसमें जांच पूरी होने तक सरकार को पद से हटाए जाने पर चर्चा की गई थी।

खास बात है कि तीन सालों में सरकार तीसरे ऐसे IIM निदेशक हैं, जिन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले ही पद से हटाया गया है। इससे पहले अगस्त 2023 में उत्तम कुमार सरकार ने सिर्फ दो साल पद पर रहकर इस्तीफा दे दिया था। मार्च 2021 में निदेशक के पद पर रहीं अंजू सेठ ने भी चौथे साल में ही पद छोड़ दिया था। कहा जा रहा है कि बोर्ड के चेयरपर्सन श्रीकृष्ण जी से मतभेद के चलते दोनों ने ये फैसला लिया था। निदेशक का कार्यकाल 5 सालों का होता है।