डबल सेंचुरी जमाने के बाद भी इन 5 भारतीय को नहीं मिला प्लेयर ऑफ द मैच

IND vs ENG 3rd Test: राजकोट में खेला जाएगा तीसरा टेस्ट मुकाबला, यहां जानें  सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में टीम इंडिया का कैसा रहा है ...

नई दिल्ली । भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी की है. हैदराबाद टेस्ट में भारत को मिली हार के बाद उसने विशाखापत्तनम और फिर राजकोट में इंग्लिश टीम को धूल चटाया।

लगातार जीत के बाद सीरीज में भारत 2-1 से आगे हो गया है. टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ मिली दोनों ही जीत में युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल का बड़ा योगदान रहा. उन्होंने लगातार मैच में डबल सेंचुरी ठोक डाली लेकिन फिर भी वह मैच के हीरो यानि प्लेयर ऑफ द मैच नहीं बने. वैसे वो अकेले नहीं इससे पहले भी कई दिग्गजों के साथ ऐसा हो चुका है।

राजकोट में भारतीय टीम ने दोनों ही पारी में रनों का अंबार लगाया. पहली पारी में कप्तान रोहित शर्मा और रवींद्र जडेजा ने सेंचुरी ठोकते हुए भारत के 445 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. दूसरी पारी में यशस्वी जासवाल के दोहरे शतक की बदौलत 430 रन बनाकर भारत ने पारी घोषित की. इंग्लैंड पहली पारी में 319 रन बना पाया जबकि दूसरी पारी में तो महज 122 रन पर ही ढेर हो गया. भारत ने 434 रन के बड़े अंतर से मैच जीता।

यशस्वी लगातार दूसरे मैच में चूके

भारत के लिए युवा यशस्वी जायसवाल ने लगातार दूसरे मैच में दोहरा शतक जमाया. कमाल की बात यह है कि उनको इसके बाद भी प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड नहीं मिल पाया. विशाखापत्तनम टेस्ट में जसप्रीत बुमराह अपनी धारदार गेंदबाजी से यह अवार्र ले उडे. राजकोट में ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने इसे हासिल किया।

6 भारतीय डबल सेंचुरी के बाद अवार्ड से चूके

यशस्वी जायसवाल को लगातार दूसरे मैच में डबल सेंचुरी लगाने के बाद भी प्लेयर ऑफ मैच का अवार्ड नहीं मिल पाया. वह भारत के छठे खिलाड़ी है जिनके साथ ऐसा हुआ है. इससे पहले विनोद कांबली, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और मयंक अग्रवाल के साथ भी ऐसा हो चुका है. इंग्लैंड के खिलाफ 1993 में मुंबई टेस्ट में विनोद कांबली ने 224 रन की पारी खेली थी लेकिन ऑलराउंडर ग्रीम हीक को यह अवार्ड मिला था।

श्रीनाथ को मैच का हीरो चुना गया था

साल 2000 में राहुल द्रविड़ ने जिम्बाब्वे के खिलाफ डबल सेंचुरी लगाई थी लेकिन जवागल श्रीनाथ को मैच का हीरो चुना गया था. सचिन तेंदुलकर ने 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ दोहरा शतक जमाया था और प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड इरफान पठान ले उड़े थे. विराट कोहली ने 2016 में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के खिलाफ यह कमाल किया था लेकिन दोनों ही बार आर अश्विन मैच के हीरो चुने गए. 2019 में मयंक अग्रवाल ने दोहरा शतक जमाया लेकिन रोहित शर्मा को तब प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।