क्या कर रहे हैं प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल नहीं होने वाले विपक्षी नेता?

Ram temple Pran Pratishtha: What opposition leaders will be doing on  January 22 - Times of India

नई दिल्ली । अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्र्स्ट की ओर से देश की कई नामी हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया था।

आज के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में फिल्म जगत से लेकर खेल जगत और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हुईं। हालांकि देश में कई राजनीतिक दलों के बड़े नेताओं ने अयोध्या में नवनिर्मित राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने का निर्णय लिया। इसमें राहुल गांधी, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव प्रमुख रूप से शामिल हैं। विपक्ष के इन नेताओं ने यह आरोप लगाते हुए अयोध्या नहीं जाने का फैसला लिया कि यह राजनीतिक कार्यक्रम है, जब भगवान राम बुलाएंगे तब हम जाएंगे। वहीं अब जब अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम चल रहा है तो ये सभी विपक्ष के नेता क्या कर रहे हैं, ये भी हम जानेंगे।

असम में धरने पर बैठे हैं राहुल गांधी

सबसे पहले हम बात करेंगे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की जो इन दिनों भारत जोड़ो न्याय यात्रा का संचालन कर रहे हैं। राहुल गांधी इन दिनों असम में हैं। आज उन्हें नगांव जिले में स्थित वैष्णव संत शंकरदेव के जन्मस्थान पर जाना था, लेकिन उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि प्राधिकारी उन्हें नगांव स्थित श्री श्री शंकरदेव मंदिर में जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। राहुल गांधी ने असम के नगांव स्थित मंदिर में जाने से रोके जाने पर नाराजगी जाहिर करते हुए प्राधिकारियों से पूछा कि क्या अब यह प्रधानमंत्री मोदी तय करेंगे कि मंदिर में कौन जाएगा? हम कोई समस्या पैदा नहीं करना चाहते, केवल मंदिर में पूजा करना चाहते हैं। वहीं मंदिर में जाने से रोके जाने के बाद राहुल गांधी कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ धरने पर बैठ गए।

दिल्ली में शोभा यात्रा निकाल रही ‘आप’

वहीं अगर बात की जाए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तो वह दिल्ली में ही रामलीला कार्यक्रमों का आयोजन करा रहे हैं। देश की राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी (AAP) ने रामलला की शोभा यात्रा निकालने का भी फैसला लिया है। शोभा यात्रा के साथ ही पूरे शहर में भंडारे का भी आयोजन कराया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, “पार्टी सोमवार को एक शोभा यात्रा निकालेगी, जिसमें ‘आप’ के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। पार्टी सोमवार को समूचे राष्ट्रीय राजधानी में ‘भंडारे’ का भी आयोजन करेगी।” ‘आप’ सरकार प्यारेलाल भवन में तीन दिवसीय रामलीला भी आयोजित कर रही है।

कालीघाट मंदिर में पूजा करेंगी ममता बनर्जी

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के इस मौके पर पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस यानी TMC ‘सद्भावना रैली’ निकाल रही है। ऐसे में टीएमसी की ‘सद्भावना रैली’ से पहले कोलकाता में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। वहीं सीएम ममता बनर्जी भी कोलकाता के कालीघाट मंदिर में भी जाने वाली हैं। टीएमसी की तरफ से बताया गया है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन के दिन पहले कालीघाट मंदिर में पूजा करेंगी और फिर कोलकाता के हाजरा मोड़ से सर्व धर्म रैली का आयोजन करेंगी। रैली में आम लोगों को शामिल होने का आह्वान किया गया है। रैली पार्क सर्कस मैदान में समाप्त होगी और वहां एक सार्वजनिक सभा आयोजित की जाएगी। ममता बनर्जी ने पार्टी नेताओं को शाम 3:00 बजे हर जिले और वार्ड में ‘सद्भावना रैली’ करने का आदेश दिया है।

जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि कार्यक्रम में गए अखिलेश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आज पूर्व सपा नेता जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बात भी की। अयोध्या में ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह के बारे में अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि ”प्राण प्रतिष्ठा के बाद पत्थर की मूर्ति भगवान बन जाएगी।” सपा प्रमुख ने कहा कि ‘भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम राम भी कहा जाता है, और हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलना चाहिए।” उन्होंने कहा कि ”जो लोग भगवान राम द्वारा दिखायी गयी रीति, नीति और मर्यादा का पालन करते हैं, वे उनके सच्चे भक्त हैं।” राम राज्य के बारे में पूछे जाने पर यादव ने कहा कि “रामराज तब होता है जब गरीब दुखी नहीं होते, युवा खुश होते हैं और हर कोई खुश रहता है।