बाल यौन उत्पीड़न मामले में हंगरी राष्ट्रपति को आरोपी की सजा माफ करना पड़ा भारी, जाने पूरा मामला

नई दिल्ली। हंगरी की पहली महिला राष्ट्रपति कैटालिन नोवाक ने देशवासियों से माफी मांगते हुए अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। वो वर्तमान प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं।

उन्होंने हाल में बाल यौन शोषण के मामले में फंसे एक व्यक्ति की सजा माफ कर दी थी, जिसके बाद पूरे देश में उनके खिलाफ प्रदर्शन और जगह-जगह उनकी आलोचना की जा रही थी।

नोवाक ने ‘माफी’ मांगकर क्या-क्या कहा
नोवाक ने इस्तीफे के साथ संबोधन में कहा कि उन्हें दुख हुआ कि वो सभी पीड़ितों की मदद करने में अस्मर्थ रहीं। उन्होंने ये भी कहा कि वो अभी, आगे और हमेशा बच्चों और परिवारों की सुरक्षा के लिए सदैव खड़ी रहूंगी। उन्होंने कहा, “माफी दी गई और सबूत के अभाव में आरोपी पीडोफिलिया के प्रति शून्य सहनशीलता के बारे में संदेह पैदा हुआ और गलत निर्णय लिया।”

उन्होंने शनिवार को कहा, “मैंने गलती की, मैं उन लोगों से माफी मांगती हूं, जिन्हें मैंने ठेस पहुंचाई है और मैं उन पीड़ितों से भी क्षमा मांगती हूं, जिन्हें लगा होगा कि मैं उनके लिए समय पर खड़ी नहीं हुई। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में आपको आखिर बार संबोधित कर रही हूं”। साथ ही उन्होंने बिना देरी किए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके तुरंत बाद पीएम ओर्बन समर्थक पूर्व न्याय मंत्री जुडिट वर्गा ने घोषणा की कि वह इस मामले पर राजनीति से अलग हो रही हूं। नोवाक का इस्तीफा ऐसे वक्त में आया है, जब देशवासियों के साथ-साथ विपक्षी नेताओं ने भी सुर में सुर मिलाएं और राष्ट्रपति भवन के बाहर शुक्रवार को प्रदर्शन किया।

क्या है मामला?
नोवाक हंगरी की साल मार्च, 2022 में पहली महिला राष्ट्रपति बनीं, जिन्होंने इस पद को धारण किया। असल में तब उनके खिलाफ देश में हवा बन गई, जब उन्होंने बाल यौन शोषण के अपराधी और बाल गृह के पूर्व उपनिदेशक को दी गई माफी दे दी। आरोपी ने अपने बॉस द्वारा बच्चों के साथ किए गए यौन शोषण को छुपाने में मदद की थी। यह निर्णय पिछले साल अप्रैल, 2023 में पोप फ्रांसिस की बुडापेस्ट यात्रा के दौरान लिया गया था। पिछले सप्ताह स्वतंत्र समाचार साइट 444 द्वारा इस फैसले का खुलासा करने के बाद से देश का विपक्ष नोवाक के इस्तीफे की मांग कर रहा था।