क्या है मोटा अनाज;भारत सरकार क्यों पहुंचाना चाहती है इसको आपकी थाली तक?

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-2023 के जश्न के साथ ही देश मोटे अनाज का उत्सव होगा शुरू
नई दिल्ली।एजेंसी
नए साल के चंद दिन बाकी हैं और 2023 के जश्न के साथ ही देश मोटे अनाज का उत्सव भी मनाने जा रहा है. लोगों की थाली से दूर हो चुका ये अनाज अब हर भारतवासी की थाली में नजर आएगा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसके मुरीद हैं. उन्हीं की कोशिशों का नतीजा है कि आज पूरा विश्व मोटे अनाज की अहमियत समझ रहा है.
संयुक्त राष्ट्र ने 2023 के अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष होने का ऐलान कर डाला है. कभी वो दौर था कि हर भारतीय घर की थाली में कोई न कोई मोटा अनाज जरूर नजर आता था, लेकिन धीरे-धीरे खानपान के तरीके इस कदर बदले की थाली में अनाज कम जंक फूड ज्यादा नजर आने लगा. देश का हर नागरिक सेहतमंद रहे इसके लिए सुपरफूड मिलेट्स को हर घर की पंसद बनाने के लिए सरकार की कोशिशें जारी हैं.
मन की बात में मोटे अनाज का जिक्र
2022 अगस्त के तीसरे महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात कार्यक्रम’ में मिलेट्स जैसे मोटे अनाज का जिक्र किया था. इस दौरान उन्होंने मोटे अनाज के लिए लोगों में जागरुकता लाने और लोगों की थाली में इसकी मौजूदगी के लिए जन आंदोलन चलाने की बात भी कही थी. पीएम मोदी ने मोटे अनाज को कुपोषण के खिलाफ कारगर हथियार तो डायबिटीज और हाइपरटेंशन सरीखी बीमारियों को दूर भगाने का जरिया बताया था.
मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने की कोशिशें
सरकार ने कदन्न फसलों यानी ज्वार, बाजरा, रागी, मडुवा, सावां, कोदों, कुटकी, कंगनी, चीना जैसे मोटे अनाज की अहमियत समझते हुए ये कदम उठाया था. इस साल मोटे अनाज के उत्पादन को प्रोत्साहन देने की कोशिशों को अमली जामा पहनाया गया. यही नहीं भारत सरकार ने मार्च 2021 में संयुक्त राष्ट्र आमसभा में 2023 को अंतर्राष्ट्रीय मिलेट्स साल मनाने का प्रस्ताव पेश किया था. इस प्रस्ताव के पक्ष में दुनिया के 72 देश आए.

”संयुक्त राष्ट्र ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ के रूप में घोषित किया है और जी-20 देशों से पोषण और सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए 2023 को मोटा अनाज वर्ष के रूप में मनाने में मदद करने का आग्रह किया।
– नरेन्द्र सिंह तोमर ,केन्द्रीय कृषि मंत्री

जब संसद में हुआ मोटे अनाज का लंच
संसद में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सांसदों और अन्य नेताओं ने मोटे अनाज का लंच किया. संसद परिसर में केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय ने इस लंच का आयोजन किया था.

 

 

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