‘अरे वाह भिया…’: इंदौर को स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर शिवराज गदगद

0
1

लगातार पांचवें साल बना देश का सबसे स्वच्छ शहर, सीएम शिवराज ने इंदौरी अंदाज में दी बधाई
इंदौर । अजयभारत न्यूज
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में मध्य प्रदेश के इंदौर का ताज बरकरार है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में इंदौर को लगातार पांचवें साल देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। इंदौर के लगातार पांचवीं बार नंबर 1 बने रहने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौरी अंदाज में बधाई दी है। सीएम ने ट्वीट कर कहा है- वाह भिया! छा गया अपना इंदौर…।
साल 2017 से इंदौर लगातार पूरे देश में नंबर-1 पर है। इस बार सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज में भी इंदौर अव्वल रहा। इसमें 12 करोड़ रुपए का पुरस्कार मिला। इंदौर का अवॉर्ड लेने के लिए प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह और निगमायुक्त प्रतिभा पाल दिल्ली में हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 में एमपी को कुल 27 अवॉर्ड मिले थे। इस बार कुल 35 अवार्ड मिले हैं। इनमें से 21 अवार्ड विज्ञान भवन में चल रहे राष्ट्रीय कार्यक्रम में मिल रहे हैं। प्रदेश के कई शहरों को इस बार अच्छी रैंकिंग मिली है।
देवास को सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज केटेगरी में देश में दूसरा स्थान, स्वच्छ सर्वेक्षण में छठा और गार्बेज फ्री सिटी कैटेगरी में चौथा स्थान मिला है। सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज केटेगरी में देवास ने देशभर में तीन लाख की पापुलेशन के तहत प्रथम स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर की इस उपलब्धि पर ट्वीट कर बधाई दी है। शिवराज ने इंदौरी अंदाज में बधाई देते हुए लिखा- अरे वाह भिया, छा गया अपना इंदौर फिर से। इंदौर अद्भुत है,गजब है। धन्य है इंदौर की जनता,इंदौर की जनता को मेरा प्रणाम, जिन्होंने इंदौर को लगातार 5वीं बार स्वच्छता में शीर्ष पर बनाए रखा। बधाई जनप्रतिनिधियों को,सांसद,विधायक, प्रशासन,स्वच्छता कर्मियों, स्वयंसेवी संगठनों को। बधाई इंदौर।
मोदी के सूत्र वाक्य को इंदौर ने किया आत्मसात
2014 में पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की शुरुआत की थी। उन्होंने दिल्ली के वाल्मीकि नगर में खुद झाड़ू लगाकर संदेश दिया था कि सफाई सिर्फ सफाई कर्मचारियों, सरकार, मंत्रियों और संगठनों का काम नहीं, इस देश के सवा सौ करोड़ देशवासियों का भी दायित्व है। बस, यही सूत्र वाक्य इंदौर के जेहन में आ गया और 2017 से इसकी शुरुआत तब हुई जब इंदौर में दो साल पहले (2015) में पदस्थ रहे निगम कमिश्नर मनीष सिंह ने स्वच्छता में इंदौर को सिरमौर बनाने का बीड़ा उठाया। तब महापौर मालिनी गौड थी। संभवत: यह पहला मौका था जब स्वच्छता में नंबर 1 आने के लिए जनप्रतिनिधि व ब्यूरोक्रेट्स में ऐसी जबर्दस्त ट्यूनिंग रही।

LEAVE A REPLY