शारदेय नवरात्र प्रारंभ : शुभ मुहूर्त में घट स्थापना, घर-घर विराजीं मां

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आदिशक्ति के पांव पखारने सुबह से लगी कतारें
ग्वालियर । अजयभारत न्यूज
शारदेय नवरात्र के पहले दिन जहां घर-घर में घट कलश स्थापन हुई, वहीं मंदिरों में प्रात:काल से पूजन-अर्चन का क्रम प्रारंभ हो गया। दुर्गोत्सव समितियों में प्रतिमाओं की स्थापना के लिए जोरदार तैयारियों की जा रही हैं। वहीं कुछ स्थानों में प्रतिमाओं की स्थापना कर ली गई है। वैसे शहर में पंचमी तक अधिकांश सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिमाओं की स्थापना पूरी कर ली जाती है। शारदेय नवरात्र के इस पर्व पर चारों तरफ धर्म ध्वजा लहरा रही है, शृद्धालु आदिशक्ति की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। महाआरती, दुर्गा सप्तशती का पाठ, भजन संध्या, आदि विविध धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।
नवरात्र के प्रथम दिन से ही नगर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है। शहर के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की चहल-पहल देखी जा रही है मंदिरों में आकर्षक साज-सज्जा भी की गई है। कोविड-१९ के मद्देनजर प्रशासन ने इन मंदिरों की ऑनलाईन दर्शन कराने की भी व्यवस्थाएं की है।
भगवती ब्रम्ह्चारिणी का पूजन आज
नवरात्र के पहले दिन माँ शैलपुत्री की आराधना की गई। दूसरे दिन भगवती ब्रम्ह्चारिणी के पूजन का विशेष महत्व है। पर्व का दूसरा दिन उन्हीं का माना जाता है। पं.सुरेश शास्त्री के अनुसार भगवान शिव को पाने के लिए मां ब्रम्ह्चारिणी ने कठोर तप किया, जिसके परिणामस्वरुप प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें स्वीकार किया। आज के दिन तीन वर्ष की कन्या के पूजन का विशेष महत्व है। इनको देवी जैसा मानकर वस्त्र, फल व मिष्ठान भेंट करना चाहिए। इससे जीवन में समृद्धि आती हौ। यदि जन्मपत्रिका में ग्रहों का कारण मानसिक अस्थिरता या व्यापार व केरियर में बाधा आ रही हो तो भगवती को सात हरे वस्त्र भेंट कर उन्हें कन्याओं को अर्पित करना चाहिए।
——————————- और इधर ,महंगाई की मार ——————————-
महंगा पड़ेगा फलाहार
नवरात्र में फलों के दाम भी छूने लगे आसमान, सेब हुआ और लाल
ग्वालियर । अजयभारत न्यूज
हर साल की तरह इस साल भी फलाहार पर रहना महंगा पड़ेगा। नवरात्र शुरू होने के साथ ही फलों के भाव में उछाल आ गया है। सेब के भाव तो पहले से ही बढ़े थे अब यह और लाल हो गया है तो केला भी 50 रुपये से 70 रुपये प्रति दर्जन बिकने लगा है। खास बात यह भी है कि अब फलों के भाव में कमी के लिए काफी इंतजार करना होगा। क्योंकि दीपावली, छठ पूजा के बाद ही इस भाव में कमी आने की उम्मीद है।
हर साल की तरह इस साल भी फलों के भाव नवरात्र के दिनों में आमान छूने लगे है। सेब की बात करें तो एक सप्ताह पहले थोक मंडी में 40-50 रुपये प्रतिकिलो बिकने वाला अब 60-100 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गया है। खुदरा मार्केट की बात करें तो 80 रुपये से 150 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। यहीं स्थित मौसमी की है। मौसमी 60 रुपये प्रतिकिलो थोक मंडी में आ रहा है। इसी तरह नाग भी अपना तेवर कड़ा कर लिया है। इसी तरह पपीता भी 50-60 रुपये प्रतिकिलो मिल रहा है। अनार, मौसमी और सेब आदि के भाव में नवरात्र आने से पहले ही काफी इजाफा हो गया। महाराष्ट्र के नासिक में अधिक बारिश होने के कारण वहां अनार और मौसमी की आवक में कमी आई है। इसके अलावा हरा नारियल, कीवी के भाव में भी इजाफा हो गया है।
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सेब क्यों हुआ महंगा
मौसम की वजह से सेब तो लाल हुआ ही साथ ही जम्मू-कश्मीर में इनदिनों लोग उलटाई में लगे हैं यानी फल तोडऩे में लगे हैं। इस वजह से भराई नहीं हो रही है। साथ ही जम्मू में यह नियम है कि एक गाड़ी प्रवेश करेगी तो ही फलों से लदी दूसरी गाड़ी को छोड़ा जाएगा। ऐसे में आवक कम रह रही है। दूसरी तरफ हिमाचल का फल इनदिनों सिर्फ स्टोरेज में है और भाव बढऩे के साथ उसे मार्केट में भेजा जाता है।
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भाव कम होने में लगेगा वक्त
शहर के फल विक्रेता रमेश सिंह का कहना है कि नवरात्र में फलों की मांग बढ़ जाती है। इस लिहाज से आवक भी नहीं रहती। जम्मू-कश्मीर में इस साल ठीक से बरसात नहीं हुई। इस वजह से सेब के भाव बढ़े हुए हैं। उनका मानना है कि फलों के भाव में कमी दीपावली और छठ के बाद ही होगी। साल के शुरुआत में कोरोना के वजह से फलों की मांग बढ़ी तो अब डेंगू और वायरल बुखार के चलते भी इनकी खपत बढ़ी है।

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