कलयुग में जीव मात्र का कल्याण है भगवान का नाम :पं. घनश्याम शास्त्री

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ग्वालियर । अजयभारत न्यूज
ग्राम जरगांव डबरा में श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस मैं सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित घनश्याम शास्त्री द्वारा 3 BHAGWATश्रोताओं को कथा श्रवण कराते हुए बताया कि कपिल उपाख्यान दक्ष के अभिमान को भगवान ने दूर किया। ध्रुव चरित्र के माध्यम से भगवान सुखदेव जी ने बताया कि ध्रुव, जो कि 5 वर्ष के बालक थे।
5 महीने में भगवान की आराधना कर भगवान का दर्शन प्राप्त कर अपने जीवन को कृतार्थ किया और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। महाराज जी ने बताया जड़ भरत प्रसंग, गंगा जी का अवतरण और 28 नरको का वर्णन से राजा परीक्षित के रोम खड़े हो गए। राजा परीक्षित ने निवेदन किया कि गुरुदेव इस तरह तो संसार के सभी प्राणी नरक के वासी हो जाएंगे क्योंकि हर व्यक्ति से कोई न कोई अपराध हो जाया करता है। जीवों का कल्याण कैसे होगा प्रभु। सुखदेव जी ने कहा राजन चिता मत करो भगवान का नाम लेने मात्र से जैसे हजारों वर्षों का कूड़ा छोटी सी आग की चिन्गारी से जलकर राख हो जाता है।
झांकियों ने मन मोहा
उसी तरह जीव के हजारों वर्ष के जो पाप है वह भगवान के नाम रूपी अग्नि के द्वारा जल जाते हैं इसलिए कलयुग में जीव के कल्याण के लिए सबसे सरल कोई उपाय है तो वह भगवान का नाम संकीर्तन है। इस अवसर पर सुंदर सुंदर झांकियों की नित्य कराए गए कथा परीक्षित वासुदेव दुबे एवं समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे।

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