76 दिन बाद महाकाल मंदिर के गेट सबके लिए खुले, धरा रह गया सोशल डिस्टेंस

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उज्जैन । अजयभारत न्यूज
भक्तों का इंतज़ार पूरा हुआ. महाकाल मंदिर के पट आम लोगों के लिए खुले और भक्तों ने बाबा के दर्शन शुरू किये. लेकिन भक्त हैं कि अब भी मानने के लिए तैयार नहीं. दर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंस नहीं दिखा. कुछ लोग बिना मास्क के पहुंचे और रोकने पर मंदिर समिति के लोगों से भिड़ गए. मनाही के बाद भी मंदिर में सेल्फी लेने की होड़ मची रही.
76 दिन के लंबे समय और कोरोना की दूसरी लहर के बाद बाबा महाकाल ने भक्तों को दर्शन दिये. उत्साहित भक्त मंदिर खुलने के 1 घंटे पहले सुबह 5 बजे से ही लाइन में लगना शुरू हो गए थे. कनाडा और भारत के अन्य शहरों से पहुंचे श्रद्धलुओं ने खुशी भी जताई. दर्शन हर रोज 7 स्लॉट में होना है और प्रत्येक स्लॉट में 500 – 500 श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा. मंदिर समिति ने काफी इंतज़ाम किये थे. लेकिन भक्तों की भीड़ ने कोरोना गाइड लाइन की धज्जियां उड़ा दीं.
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वैक्सीन सर्टिफिकेट या कोरोना जांच रिपोर्ट
हर रोज 3500 श्रद्धालु वैक्सीन सर्टिफिकेट या कोरोना जांच की 48 घंटे पहले की नेगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही श्रद्धालु प्रवेश कर सकेंगे. दर्शन करने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव भी परिवार संग पहुंचे. उन्होंने कोविड नियंत्रण होने के बाद बाबा को धन्यवाद दिया और आशीर्वाद लिया. साथ ही डेल्टा वेरियंट के खतरे को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने गाइड लाइन का सख्ती से पालन करवाने के स्पष्ट निर्देश सुरक्षा में लगे लोगों को दिये.
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कोरोना महामारी की दूसरी भयावह लहर
कोरोना के कारण 76 दिन से महाकाल मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद था. हालांकि मंदिर में 12 अप्रैल से पूजा पाठ नियमित रूप से हो रहा है. आज जब से दर्शन शुरू हुए भक्तों में ग़ज़ब का उत्साह देखने मिला. पहले ही दिन लंबी लाइन में भक्त लगे नज़र आए. आज सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक हर रोज अब मंदिर के पट भक्तों के लिए खुले रहेंगे. वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखा कर कर लोग प्रवेश पा सकेंगे.
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गाइड लाइन का पालन नहीं
उज्जैन कलेक्टर और मंदिर प्रशासन समिति का सख्त आदेश था कि कोरोना गाइड लाइन का पालन करें. सोशल डिस्टेंस, मास्क अपनाएं. मंदिर में सेल्फी लेने की सख्त मनाही थी. बिना रिपोर्ट और वैक्सीन सर्टिफिकेट के प्रवेश पर बैन था. लेकिन सभी नियम सिर्फ कागजों पर दिखाई दिए. अल सुबह से लगी भीड़ में सोशल डिस्टेंस नहीं था. मंदिर परिसर में अपने अपने परिवार के साथ आये श्रद्धालुओं ने जमकर सेल्फी लीं. उन्हें रोकने वाला कोई नहीं था. गेट नंबर चार पर सामान्य दर्शनार्थी और 250 की रसीद वाले श्रद्धालुओं की भीड़ इतनी बढ़ गयी की वैक्सीन सर्टिफिकेट देखे बिना ही श्रद्धालु मंदिर में प्रवेश कर गए.
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चार नंबर गेट से प्रवेश
श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार से आम दर्शनार्थियों को सुबह 6 से रात 8 बजे तक अलग-अलग समय के स्लॉट अनुसार 3500 श्रद्धालुओं को दर्शन के अनुमति मिली थी. मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं को गेट नंबर 4 से प्रवेश देकर वापसी में भस्मारती द्वार से बाहर निकालने की व्यवस्था की थी. प्रोटोकॉल वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रवचन हॉल की ओर से प्रवेश देने की व्यवस्था है।.
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कई श्रद्धालु वैक्सीन सर्टिफिकेट और नेगेटिव रिपोर्ट लाना भूले
बार-बार और सख्त हिदायत के बाद भी कई श्रद्धालुओं ने बात नहीं मानी. वो अपनी रिपोर्ट लेकर नहीं आए. इनमें से कुछ के पास ना तो वैक्सीन सर्टिफिकेट था और ना ही है कोरोना टेस्ट आरटीपीसीआर टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट. ऐसे ही कुछ श्रद्धालु राजस्थान से आये हुए थे. इन लोगों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिल सका. राजस्थान से आई युवती ने बताया कि हमे गाइड लाइन का पता नहीं था. बस बाबा के दर्शन करना थे तो हम आ गए. कनाडा से आई महिला श्रद्धालु ने बताया कि वो 14 दिन से यहीं हैं. बाबा के दर्शन के लिए रुकी थीं. उत्तर प्रदेश से आये एक युवक ने कहा मैं 2 बजे से लाइन में लगा हूं. ऑनलाइन बुकिंग फुल हो गई थी इसलिए 251 की व्हीआईपी रसीद ली.
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पहले ही दिन विवाद
गेट नंबर चार पर गेट खुलने से घंटों पहले ही भीड़ जुटने लगी थी. बीजेपी के कुछ नेता भीड़ को हटाकर मंदिर में प्रवेश करना चाह रहे थे. लेकिन वहां खड़े गार्ड ने उन्हें रोक दिया. इस बात से बीजेपी नेता तिलमिला गए और उन्होंने गार्ड से अभद्रता करना शुरू कर दिया.

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