अमरनाथ यात्रा पर संशय बरकरार पर तैयारियां शुरू

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-घोड़ा-पिट्ठू-तंबू आदि सेवाओं की मूल्य दरें तय की
श्रीनगर। इस वर्ष श्री अमरनाथ यात्रा को प्रदेश सरकार ने 28 जून से शुरू करने का एलान किया था, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू होने के साथ ही यात्रा के लिए पंजीकरण बंद कर दिया गया। इसके बाद से यात्रा को निर्धारित कार्यक्रमानुसार शुरू करने या फिर रद करने के मुददे पर प्रदेश सरकार ने चुप्पी साध रखी है। इसी संशय के बीच यात्रा की तैयारियां भी जारी हैं।

प्रशासन ने बालटाल से पवित्र गुफा तक घोड़ा, पालकी, पिट्ठू और तंबू आदि सेवाओं की मूल्य दरें तय कर दी हैं। पवित्र गुफा और पंजतरनी में रात गुजारने के लिए प्रत्येक श्रद्धालु को तंबू वालों को 780 रुपये से 1,050 रुपये बतौर किराया चुकाना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि बीते साल भी श्री अमरनाथ यात्रा को कोरोना संक्रमण से उपजे हालात को देखते हुए आम श्रद्धालुओं के लिए रद कर दिया गया था। सिर्फ महंत दीपेंद्र गिरि के नेतृत्व में छड़ी मुबारक को ही श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में वार्षिक अनुष्ठान संपन्न करने के लिए जाने की अनुमति दी गई थी।
जम्मू व श्रीनगर में सभी आवश्यक सुविधाओं से लैस एक-एक आधुनिक कोचिंग केंद्र बनाने का भी फैसला लिया गया। अलबत्ता, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जुडे अधिकारियों के अनुसार, इस साल बालटाल के रास्ते सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति प्रदान करने और हेलीकापटर के जरिये यात्रा की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। गत दिनों उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी कहा था कि हालात का आकलन किया जा रहा है और जल्द ही अमरनाथ यात्रा पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। घोड़ा, पालकी, पिट्ठू मजदूरों की मजदूरी तय अमरनाथ यात्रा को लेकर बने असंमजस के बीच लंगर समितियों को बालटाल से पवित्र गुफा तक लंगर लगाने की श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा अनुमति प्रदान करने के बाद संबंधित प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर विभिन्न सेवाओं के मूल्य भी निर्धारित कर दिए हैं। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि बालटाल से पवित्र गुफा तक और पवित्र गुफा से बालटाल तक श्रद्धालुओं को श्रमिक अथवा पिट्ठू सेवा के लिए क्रमश: 3,230 रुपये और 5,130 रुपये चुकाने होंगे। इसमें पिठु और घोड़े वाले का रात को रुकने का खर्च भी शामिल है। डाडी और पालकी के लिए श्रद्धालुओं को 15750 रुपये किराया चुकाना होगा। अलबत्ता, बालटाल से सिर्फ पवित्र गुफा तक श्रमिक- पिट्ठू, घोड़े वाले और डाडी पालकी सेवा के क्रमश: 1470, 2800 और 9400 रुपये किराया रहेगा। इसी तरह पवित्र गुफा से बालटाल के लिए श्रमिक- पिट्ठू, घोड़े वाले और डाडी पालकी सेवा का किराया क्रमश: एक हजार,1940 और 4900 रुपये रहेगा। बालटाल से बरारीमर्ग और बालटाल से रेलपथरी श्रमिक- पिटठु की सेवाएं लेने पर क्रमश: 1360 और 1200 रुपये चुकाने होंगे। इसी तरह बालटाल से बरारीमर्ग और बालटाल से रेलपथरी तक घोड़े वाले की सेवा लेने पर क्रमश: 1700 व 1600 रुपये चुकाने होंगे।
तंबू में रात गुजरने पर देना पड़ेगा किराया इसके अलावा अगर श्रद्धालु यात्रा मार्ग पर रात गुजारने के लिए किसी तंबु वाले की सेवा लेता है तो उसे उसका शुल्क चुकाना होगा। अगर तंबु वाला जमीन पर बिछे कंबल, चटाई, तलाई और स्लीपिंग बैग व तकिये संग सोने की सुविधा प्रदान करता है तो प्रति श्रद्धालु किराया मनिगाम में 360 रुपये और बाल्टाल में 550 रुपये और पवित्र गुफा व पंजतरनी में 780 रुपये होगा। अगर तंबू में चारपाई के साथ तलाई, कंबल, तकिया या फिर चारपाई के साथ स्लीपिंग बैग, कंबल और तकिये की सुविधा होगी तो किराया दर 500 रुपये, 725 रूपये और 1050 रूपये होगी।

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