CWC Meeting: राहुल गांधी फिर संभाल सकते हैं पार्टी की कमान, 29 मई में होंगे संगठन के चुनाव, कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर भड़कीं सोनिया

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नई दिल्ली। इस वक्त बड़ी जानकारी कांग्रेस पार्टी को लेकर आ रही है। समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि कांग्रेस संगठन के चुनाव मई महीने में कराए जा सकते हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ ने सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति का प्लेनरी सत्र 29 मई को आयोजित किया जाएगा। बता दें कि आज कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की। कांग्रेस पार्टी की ये मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। इस बैठक में सोनिया गांधी ने किसानों के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
गौरतलब है कि इससे पहले भी इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कार्यक्रम का ऐलान कर सकती है। कांग्रेस कार्यसमिति की इस बैठक में किसान आंदोलन और संसद के बजट सत्र पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर संसद में सरकार को घेरेगी।
पार्टी में अंदरूनी कलह पर मंथन !
कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कार्यक्रम को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद उसकी तिथियों का ऐलान किया जा सकता है। पार्टी के मौजूदा ढांचे में अधिकांश नेता और कार्यकर्ता ही नहीं, तमाम राज्य इकाइयां राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाने के पक्ष में हैं। यहां तक कि कांग्रेस शासित चारों राज्यों के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, अशोक गहलोत, भूपेश बघेल और नारायणसामी भी राहुल के ही समर्थन में हैं। एक तरफ जहां पार्टी के अंदर राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाने के लिए कई समर्थक हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के असंतुष्ट नेताओं के खेमे में भी संगठन चुनाव में उम्मीदवार उतारने पर गहन मंथन चल रहा है। इस खेमे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि यदि राहुल दोबारा अध्यक्ष के लिए मैदान में उतरते हैं तो हालात को देखते हुए उनके खिलाफ उम्मीदवार उतारने या नहीं उतारने पर फैसला होगा।
कृषि कानूनों को लेकर हमला बोला
सीडब्ल्यूसी की बैठक में सोनिया गांधी ने किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर सरकार पर हमले किए। सोनिया गांधी ने कहा कि सरकार ने परामर्श के सारथी के माध्यम से किसानों के मुद्दे पर चौंकाने वाली असंवेदनशीलता और अहंकार दिखाई है। सोनिया ने कहा कि यह स्पष्ट है कि 3 खेती कानून जल्दबाजी में तैयार किए गए थे, संसद ने जानबूझकर उन्हें जांचने के अवसर से वंचित किया गया। सोनिया गांधी ने अर्थव्यवस्था पर केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा कि घबराहट के निजीकरण ने सरकार को जकड़ लिया है।
अर्नब लीक पर सोनिया का हमला
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी ने पत्रकार अर्नब गोस्वामी पर भी हमला बोला। सोनिया गांधी ने कहा है कि जो लोग दूसरों को देशभक्ति और राष्ट्रवाद का प्रमाण पत्र देते हैं, वे अब पूरी तरह से उजागर हो गए हैं। सोनिया ने सरकार पर हमला बोलते हुए आगे कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से पूरी तरह से समझौता गया है। सरकार की चुप्पी बहरे जैसी है।
कोरोना को लेकर हमलावर हुईं सोनिया
कोरोना टीकाकरण पर बोलते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि आशा है कि कोविड टीकाकरण प्रक्रिया जारी रहेगी और पूरी तरह से पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के लोगों पर अनकही पीड़ा झेली है, जिस तरह से उसने COVID-19 महामारी का प्रबंधन किया है। उन्होंने कहा कि दाग को ठीक होने में कई साल लगेंगे।

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