‘पानी की बचत के लिए हमें अपनी आदतों को बदलना होगा’

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महापौर शेजवलकर ने कहा – पानी के संकट की गंभीरता को समझें, एक बूंद पानी भी न करें बर्बाद
– जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम
ग्वालियर : शहर के नागरिक पानी के संकट की गंभीरता को समझें तथा पानी की एक बूंद भी बर्बाद न करें । नागरिक पानी का उतना ही उपयोग करें जितनी आवश्यकता है, साथ ही पानी के रीयूज, रीसाइकिल एवं रीचार्ज के लिए प्रयास करें क्योंकि पानी का यही एकमात्र विकल्प है। उक्ताशय के विचार महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने जल संरक्षण के लिए आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला संवाद में मुख्य अतिथि के रुप में व्यक्त किए।
जीवाजी विश्वविद्यालय के गालव सभागार में आयोजित जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में अतिथि वक्ता के रुप में डायरेक्टर वेक्टस इंडस्ट्रीज नोयडा अतुल लडडा, कुलाधिसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय आर जे राव उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में शिराली रुनवाल ने जल संरक्षण को लेकर स्वरचित कविता का पाठ किया वहीं छोटी से बच्ची चित्रांशी ने पानी बचाओ को लेकर प्रभावशाली भाषण दिया। इस अवसर पर महापौर शेजवलकर ने संबोधित करते हुए कहा कि पानी की समस्या बहुत ही जटिल समस्या हो गई है, क्योंकि ग्वालियर में पिछले 4 साल से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है तथा हमने ककैटो व पेहसारी से भी पानी ले लिया है, हमारे पास तिघरा में केवल जुलाई तक का पानी है। इस पानी को किस प्रकार बचाना है यह हमारे सामने बहुत बडी चुनौती है।

ऐसे बचाएं पानी
महापौर श्री शेजवलकर ने कहा कि ग्वालियर में स्वच्छता के क्षेत्र में तो लोगों की आदतों में परिवर्तन आना प्रारंभ हो गया है, अब पानी की बचत के लिए भी हमें अपनी आदतों को बदलना होगा। महापौर श्री शेजवलकर ने सभी से आग्रह किया कि अगले 4 महीनों तक कोई भी अपने वाहन को न धोएं तथा कपडे बिना धोए जबतक चला सकते हैं चलाएं, अनावश्यक पानी का उपयोग न करें। उन्होंने विशेषज्ञों से भी आग्रह किया कि अभी ग्वालियर में 90 फीसदी घरों में नहाने, कपडे धोने, बर्तन धोने का पानी सीवर में जाता है, इसके लिए कोई ऐसा मॉडल बनाएं जिससे इस पानी का रीयूज हो सके।

ग्वालियर में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है :निगमायुक्त
इस अवसर पर निगमायुक्त विनोद शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए बताया कि जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है तथा दुनिया भर में जितनी भी बडी बडी सभ्यताओं का विकास हुआ है वह नदियों के किनारे हुआ है। इसलिए जल हमारे जीवन के लिए बहुत ही आवश्यक है। श्री शर्मा ने कहा कि ग्वालियर में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है तथा अब केवल एक ही उपाय है कि हम पानी का संरक्षण करें। पानी बनाया नहीं जा सकता है केवल बचाया जा सकता है। इसके लिए हमें अपनी छोटी छोटी आदतों को बदलना होगा तथा शहर के आस पास ग्रीन बेल्ट बनाना होगा।

वाटर मैनेजमेंट करने की आवश्यकता : कलेक्टर
जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर राहुल जैन ने कहा कि अब हमें अपने घरों में भी वाटर मैनेजमेंट करने की आवश्यकता है। घरों में नहाने, कपडे धोने, बर्तन धोने का पानी को पुनः उपयोग करने की आश्यकता है तथा जो लोग वर्तमान में पानी संरक्षण कर रहे हैं हमें उन्हें आदर्श बनाने की जरुरत है। कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि पानी के उपयोग को लेकरहमें अपनी आदतों में कटौती करनी पडेगी तथा सोच को बदलना होगा तभी हम पानी बचा पाएंगे। अभी हम पानी तो अधिकार से मांग रहे हैं, लेकिन जल संरक्षण के प्रति अपने दायित्वों का निर्वाहन नहीं कर रहे हैं। हमें पानी के रीसाईकिल, रीयूज एवं रीचार्ज के लिए काम करने की जरुरत है।

1 फीसदी पानी ही पीने योग्य : लडडा
जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में अतिथि वक्ता डायरेक्टर वेक्टस इंडस्ट्रीज नोयडा अतुल लडडा ने प्रजेन्टेशन के माध्यम से बताया कि प्रकृति ने हमें भरपूर संसाधन दिए हैं तथा हमने संसाधनों का जमकर दोहन भी किया है, लेकिन हमनें कभी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी के कुल हिस्से में 70 फीसदी पर पानी है जिसमें से 97 फीसदी नमकीन है तथा केवल 1 फीसदी पानी ही पीने योग्य है, जिसका भी हम व्यवस्थित तरीके से वितरण नहीं कर पा रहे हैं।
श्री लडडा ने बताया कि देश में जो पीने का पानी है उसमें से 70 फीसदी पानी प्रदूषित है आज सभी नदियों का पानी प्रदूषित हो चुका है। उन्होंने बताया कि देश के 40 फीसदी ग्रामीण क्षेत्रों में फोन है जबकि पीने का पानी केवल 18 फीसदी है। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के मुताबिक 7.80 लाख मौतें प्रदूषित पानी से होती हैं। श्री लडडा ने बताया कि पानी की उपलब्धता के मामले में 180 देशों में हम 133वें स्थान पर हैं।

ग्वालियर चम्बल क्षेत्र में पानी के बहुत अधिक सोर्स हैं फिर भी हम प्यासे : राव
जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में अतिथि वक्ता कुलाधिसचिव जीवाजी विश्वविद्यालय आर जे राव ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पानी का संरक्षण करना बहुत आवश्यक है, इसलिए पर्यावरण के लिए हम सबकों एक जुट होकर पानी का संरक्षण करना चाहिए। श्री राव ने बताया कि ग्वालियर चम्बल क्षेत्र में पानी के बहुत अधिक सोर्स हैं फिर भी हम प्यासे हैं क्योंकि हमारा मैनेजमेंट ठीक नहीं है। हमें पानी के संरक्षण, रीसाईकिल एवं रीयूज पर ध्यान देने की आवश्यकता है तथा जब पर्यावरण संतुलित होगा तो पानी की भी कमी नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि पानी के संरक्षण के लिए प्लान, एक्सन प्लान के लिए नगर निगम व प्रशासन के सहयोग के लिए जीवाजी विश्वविद्यालय एवं यहां के विद्यार्थी हमेशा तैयार हैं।

महापौर ने दिलाई शपथ
जल संरक्षण आपका साथ विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम के अवसर पर महापौर विवेक नारायण शेजवलकर ने कार्यशाला में उपस्थित सभी जलदूत एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान के नागरिक एवं बडी संख्या में उपस्थित विद्यार्थियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर सभापति राकेश माहौर, कलेक्टर राहुल जैन, नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा, मेयर इन काउंसिल के सदस्य धर्मेन्द्र राणा, श्रीमती नीलिमा शिन्दे, पार्षद चतुर्भुज धनौलिया, पुरषोत्तम टमोटिया सहित ब्रांड एम्बेस्डर जल संरक्षण भूपेन्द्र जैन सहित जलदूत एवं वरिष्ठ नागरिक सेवा संस्थान के नागरिक एवं बडी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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