सिंगापुर: राहुल गांधी का ये वीडियो हो रहा है वायरल, बीजेपी-कांग्रेस के अपने-अपने दावे

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नई दिल्ली: आजादी के बाद 70 साल के मुद्दे पर गुरुवार को सिंगापुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने छात्रों से बात की. इसी बातचीत को लेकर सोशल मीडिया में अलग अलग दावे किए जा रहे हैं.बीजेपी समर्थक वीडियो का एक हिस्सा दिखाकर ये दावा कर रहे हैं कि भारत के विकास में गांधी परिवार के रोल पर राहुल गांधी जवाब नहीं दे पाए जबकि कांग्रेस का दावा है कि राहुल ने सटीक जवाब दिए.
बीजेपी समर्थकों की ओर से जो वीडियो वायरल किया जा रहा है उसमें पीके बसु नाम के शख्स राहुल गांधी से सवाल पूछ रहे हैं. जिसके जवाब में दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी अपने परिवार की उपलब्धियां नहीं बता पाए.
पीके वसु से राहुल गांधी की बातचीत
पी के बसु: मेरा नाम पी के बसु है और मैं एज ऑफ रिबॉन्ड-द फर्स्ट कांप्रिहेंसिव इकॉनामिकल एंड पॉलिटिकल हिस्ट्री ऑफ द होल ऑफ एशिया किताब का लेखक हूं. मैं कई बिजनेस स्कूल में अर्थशास्त्र भी पढ़ाता हूं और मेरा आपसे सवाल है कि ऐसा क्यों है कि आपका परिवार लंबे समय से भारत की राजनीति में सत्ता में रहा है फिर भी भारत की प्रति व्यक्ति आय पूरी दुनिया के मुकाबले लगातार कम रही और जब आपकी पार्टी के हाथों से प्रधानमंत्री पद निकल गया तो अचानक ये प्रति व्यक्ति आय क्यों बढ़ रही है ?
राहुल गांधी: इसके पीछे आपकी क्या सोच है?
पी के बसु: मैनें आपसे सवाल पूछा है और इसके पीछे की सोच मेरी किताब में है, इसके लिए आप किताब पढ़ें.
राहुल गांधी: मैं ये इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप एक परिवार पर बहुत बड़ा सवाल उठा रहें हैं.
पी के बसु: चलिए मैं फिर से आपसे यही सवाल और साफ शब्दों में पूछता हूं कि आजादी के समय भारत की प्रति व्यक्ति आय निम्नतम स्तर पर थी और भारत में औसतन उम्र सिर्फ 32 वर्ष हुआ करती थी जबकि अफ्रीका की 38 वर्ष थी अब जब आप एक आजाद देश थे तो आपको चाहिए था कि इस फासले को कम करने के लिए आप तेजी से तरक्की करें लेकिन दुर्भाग्य से जब आपके परिवार का भारत पर शासन रहा भारत ये फासला कम नहीं कर सकता तो मेरा बस यही सवाल है कि ऐसा क्यों ?
राहुल गांधी: हां मैं इस सवाल का जवाब दूंगा क्या आप सहमत है कि आज की तारीख में भारत एक सफल देश है?
पी के बसु: जी हां, तभी जब आपके परिवार ने सत्ता छोड़ दी और प्रधानमंत्री पद भी, सिर्फ तब उससे पहले नहीं
राहुल गांधी: तो आपका कहने का मतलब है कि मेरा 2004 से अब तक भारत की राजनीति में कोई योगदान नहीं रहा है ? आप सोच लें या तो मैनें काम किया है या कुछ भी नहीं किया है.
सोशल मीडिया में बस यहीं तक की बातचीत दिखाकर ये प्रचारित किया जा रहा है कि राहुल गांधी देश के विकास में अपने परिवार का योगदान नहीं बता पाए. अब कांग्रेस की ओर से इसी कार्यक्रम का थोड़ा लंबा वीडियो पेश किया गया है जिसमें इसी बातचीत में अनीश मिश्रा नाम के आदमी की एंट्री होती है जो कांग्रेस पर खूब प्यार बरसाते हैं और मोदी सरकार पर वार करते हैं.
अनीश मिश्रा: भारत को आज जिस हर चीज पर नाज है वो कांग्रेस पार्टी की ही देन है. मेरा सवाल है कि आपने पिछले दिनों एक भाषण दिया था जिसमें कहा कि भारत को पाकिस्तान से गलत बातें नहीं सीखनी चाहिए. मुझे लगता है आप धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले नेता है…तो मेरा सवाल है कि क्या जब आप भारत के प्रधानमंत्री बनेंगे तो वो भारत लौटा देंगे जो मोदी जी के राज में खो गया है. इस नुकसान की भरपाई कैसे करेंगे. मेरी सलाह है कि आप जब अपना अगला मैनिफेस्टो जारी करें तो उसे रिस्टोरिंग इंडिया नाम दें क्योंकि मुझे लगता है मेरा देश अब खो गया है और मैं चाहता हूं आप मेरा भारत वापस करें.
इसके जवाब में राहुल गांधी कहते हैं: देखिए ये बहस साफ दिखाती है कि आप दोनों लोग दो छोरों पर खड़ें हैं. इन महोदय का मानना है कि कांग्रेस पार्टी ने कुछ नहीं किया…और ये कहते हैं कि भारत में सब कुछ कांग्रेस ने ही किया अब मैं आपको अगर सच बताऊं तो भारत आज सफल है तो सिर्फ अपने नागरिकों की वजह से.
सिंगापुर यूनिवर्सिटी में बातचीत के दौरान राहुल गांधी के बयान के हिस्से अपने-अपने हिसाब से प्रचारित किए जा रहे हैं. एबीपी न्यूज ने ये पूरा वीडियो देखा है, कार्यक्रम के जिस हिस्से को लेकर विवाद है, वो करीब आठ मिनट की बातचीत है. जिसमें राहुल गांधी ने सीधे सीधे तो इस बात का जवाब नहीं दिया कि उनके परिवार के लोग जब देश के प्रधानमंत्री रहे तो विकास में उनका क्या योगदान रहा लेकिन अगर पूरी बातचीत देखें तो राहुल गांधी ने देश के विकास में कांग्रेस के योगदान का पूरा बखान किया.
राहुल गांधी ने कहा: अगर यहां मौजूद कोई शख्स ये सोचे कि कांग्रेस पार्टी का आजादी पाना उस सफलता का हिस्सा नहीं है, एक आदमी एक वोट का अधिकार जिसका RSS ने विरोध किया था, वो देना सफलता का हिस्सा नहीं, हरित क्रांति, संचार क्रांति, उदारीकरण नीति ये सब उस सफलता का हिस्सा नहीं है तो उसे फिर से किताब लिखने की जरुरत है. मैं इस बात को पूरा कर दूं., मैं वो आदमी हूं जो अपने विरोधियों से भी प्यार और सम्मान से बात कर रहा हूं तो कोई ये ना कहे कि मैनें कुछ भी हासिल नहीं किया…आपने मेरे बारे में ये कहा फिर भी मैं आपकी राय का सम्मान कर रहा हूं. मैं आपका विरोध करुंगा आपको अपनी बात से सहमत करुंगा आइये मुझसे बात करिए…और ऐसा करने में मुझे खुशी होगी. मैं इसी कमरे में बैठा हूं और लोगों ने मुझे अलग अलग नजरों से देखा…मिस्टर नरेंद्र मोदी ऐसा कभी नहीं करेंगे…आप कभी ऐसे उनसे नहीं बोल पाएंगे जैसा आपने मेरे आगे बोल लिया और इसी बात का मुझे गर्व है खुद पर इसलिए इस मुलाकात के बाद मैं आपको गले लगाना चाहूंगा और ये कहना चाहूंगा कि आप मेरे लिए बहुत अहम हैं क्योंकि आपने अपनी राय मेरे सामने रखी.

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