चंद्रग्रहण : 31 की शाम 5:20 बजे से 3 घंटे 24 मिनट का पूर्ण चंद्रग्रहण, 36 साल बाद दिखेगा ब्लड मून, भूलकर भी न करें ये कार्य

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-जानिए किस समय लगेगा सूतक
नई दिल्ली :इस साल का पहला चंद्रग्रहण कल यानि की 31 जनवरी को पड़ रहा है। माघ शुक्ल पूर्णिमा को लगने वाले इस चंद्रग्रहण के बारे में ज्योतिषयों का कहना है कि इस ग्रहण का संयोग 150 सालों बाद आया है। यह चंद्रग्रहण भारत के साथ साथ अन्य कई देशों में भी पूर्ण रूप से दिखाई देगा।
चंद्रग्रहण 2018 की अवधि तकरीबन पौने तीन घंटे होगी। ज्योतिषियों का कहना है कि तकरीबन इस दिन 12 घंटे तक भगवान के दर्शन नहीं करने चाहिए। अगर कोई ऐसा करता है तो यह अशुभ माना जाता है। चंद्रग्रहण का सूतक काल सुबह 10 बजकर 18 मिनट से शुरू होगा। वहीं, चांद के निकलने के साथ ही चंद्रग्रहण शुरू हो जाएगा।
ज्योतिषियों की मानें तो सूतक काल कुछ लोगों के लिए नहीं माना जाता है। इन लोगों में छोटे बच्चे, बुजुर्ग व ऐसे लोग जो बीमार हों, उनके लिए सूतक नहीं माना जाता है।
31 जनवरी को लगने वाले चंद्रग्रहण के बारे में बताया जाता है कि कुछ कार्य नहीं करने चाहिए। इन कार्यों में भगवान की मूर्ति को छूना, किसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करना, भोजन करना, प्रेग्नेंट महिलाओं का बाहर निकलना आदि शामिल हैं।
ब्लू मून क्या होता है?
एक दिन में जब दो पूर्णिमा पड़ती हैं तो इस स्थिति को ब्लू मून कहते हैं। इस बार 2 जनवरी को भी पूर्णिमा थी। दूसरी 31 जनवरी को है।
ब्लड मून क्या होता है?
पृथ्वी की छाया जब पूरे चंद्रमा को ढक देती है उसके बाद भी सूर्य की कुछ किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, लेकिन चांद तक पहुंचने के लिए उन्हें धरती के वायुमंडल से गुजरना पड़ता है। इसके कारण सूर्य की किरणें बिखर जाती हैं। पृथ्वी के वायुमंडल से बिखर कर जब किरणें चांद की सतह पर पड़ती हैं तो चांद लाल रंग का दिखने लगता है। इस स्थिति को ब्लूड मून कहते हैं।
शाम 5:20 से रात 8:43 बजे तक नजर आएगा
बीएम बिरला साइंस सेंटर के डायरेक्टर बीजी सिद्धार्थ ने बताया, “जब तीनों (सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा) एक सीध में होंगे तो यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। हालांकि, इस दौरान सूर्य की कुछ किरणें पृथ्वी के एटमॉस्फेयर से होकर चंद्रमा पर पड़ती हैं। इस दौरान वह हल्का भूरे और लाल रंग में चमकता है। कुछ लोग इसे ब्लड मून भी कहते हैं।” यह चंद्रग्रहण शाम 5.20 बजे शुरू होगा। हालांकि, यह ठीक ढंग से सूर्यास्त के बाद 6:25 बजे से नजर आएगा और 8.43 बजे तक रहेगा।
36 साल बाद नजर आएगा ब्लू-ब्लड मून
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्लड-ब्लू मून की स्थिति इससे पहले 1982 में बनी थी। सुपर ब्लू-ब्लड मून के दिन चंद्रमा सामान्य से 10 फीसदी या इससे ज्यादा बड़ा नजर आएगा। यह 30 फीसदी ज्यादा चमकदार भी दिखाई देता है। इसके बाद 31 जनवरी 2037 को भी सुपर ब्लू-ब्लड मून नजर आएगा।

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