कासगंज हिंसा : कर्फ्यू के बावजूद उपद्रव जारी, दुकानों में लगाई आग, साध्वी प्राची धरने पर बैठीं

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कासगंज: शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के कासगंज में दो गुटों में हुई झड़प ने हिंसक मोड़ ले लिया है. शुक्रवार की घटना के मद्दनेजर शनिवार को भी हिंसा भड़क उठी. मृतक युवक के अंतिम संस्कार के बाद लोगों का बड़ा समूह हिंसा पर उतारू हो गया. एक समूह ने जहां शहर के मेन मार्केट के कुछ दुकानों में आग लगा दी और वहीं दूसरे समूह ने कुछ दूरी पर स्थित दुकानों में तोड़-फोड़ की और दो बसों को आग के हवाले कर दिया. बता दें कि विश्व हिन्दू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा निकाली जा रही तिरंगा रैली पर कल पथराव के बाद हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें हुई दो तरफा फायरिंग में एक किशोर की मौत हो गई थी.
देश की राजधानी दिल्ली से 170 किलोमीट दूर शहर में हुए दो गुटों के बीच हुए संघर्ष में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी. ये घटना तब हुई थी, जब विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय विद्यार्थी के कार्यकर्ताओं द्वारा तिरंगा बाइक रैली निकाली जा रही थी. इस संघर्ष में नौशाद नाम का एक व्यक्ति भी घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस ने बताया कि दो दुकानों में तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की गई, जिसके बाद दमकल की गाडियां मौके पर बुला ली गयीं. उत्तर प्रदेश पुलिस ने आज ट्वीट किया कि हिंसा के सिलसिले में नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकियों के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, कासगंज थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है और घटना में शामिल नौ लोग अब तक गिरफ्तार किये गये हैं. अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं. जिला प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाके में कल कर्फ्यू लगा दिया था. जिलाधिकारी आर पी सिंह ने बताया कि फायरिंग में 22 साल के चंदन गुप्ता की मौत हो गई जबकि पथराव में दो अन्य घायल हो गये.
पुलिस ने बताया कि कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली गई मोटरसाइकिल रैली पर पथराव कर दिया था. अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने कल कहा था कि पथराव की घटना सुनियोजित नहीं लगती बल्कि ये सब कुछ अचानक हुआ है. जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और पीएसी को मौके पर भेजा गया है.

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