14 को सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगी मकर संक्रांति

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-सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 8.07 बजे होगा

ग्वालियर। मकर संक्रांति इस बार दो दिन मनेगी। आगामी 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश रात 8.07 मिनट पर होगा। इसका पुण्यकाल अगले दिन दोपहर 12.08 मिनट तक रहेगा। इस कारण अधिकांश लोग 15 जनवरी को ही स्नान-दान आदि के साथ पर्व मनाएंगे।

ज्यादातर पंडितों का मत भी पर्व 15 को ही मनाए जाने को लेकर है, जबकि कुछपंचांगों में सूर्य के राशि परिवर्तन का समय 14 को दोपहर 2.04 मिनट पर होना बताया गया है। इस दिन सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही पर्व सर्वार्थ सिद्धि और पारिजात योग में मनेगा, जो शुभ व मंगलकारी योग माने जाते हैं। वर्ष 2017 में यह पर्व 14 को और वर्ष 2015 में 15 जनवरी को मनाया गया था। आगामी 2019 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनेगी।

पंडितों के अनुसार 14 जनवरी को सूर्य का धनु से मकर राशि में रात 8.07 मिनट पर प्रवेश होने के साथ ही संक्रांति का पुण्यकाल प्रारंभ हो जाएगा, जो अगले दिन दोपहर 12.07 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में पवित्र नदियों में स्नान, देव-दर्शन व तिल-गुड़, खिचड़ी व वस्त्र दान करना देना शुभ फलदायी रहेगा। ज्योतिषियों के अनुसार 15 को सूर्योदय के समय पुण्यकाल रहने से इसकी शुभता शाम सूर्यास्त होने तक रहेगी।

रविवार 14 जनवरी को दोपहर 2.21 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा, जो अगले दिन दोपहर इसी समय तक रहेगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि में बृहस्पति व मंगल के तुला राशि में साथ रहने से पारिजात योग रहेगा, जो अत्यंत शुभ होता है। सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और शुभ कार्य प्रारंभ होंगे।

हर दो वर्ष में होता है, बदलाव

सूर्य के मकर में राशि में प्रवेश पर ही हर वर्ष यह पर्व मनाया जाता है। पर्व की तिथि व पुण्यकाल का निर्धारण भी उसके राशि परिवर्तन के समय को ध्यान में रखकर किया जाता है। इस पर्व की तिथि में परिवर्तन हर दो वर्ष में होता दिखाई देता है। इसका कारण सूर्य लीप ईयर वर्ष आने के कारण सूर्य व पृथ्वी की गति में बदलाव आना होता है।

दोनों योग का राशियों पर प्रभाव

मेष: धर्मलाभ, सफलता,वृष: रोग, भय, मिथुन: धन का अपव्यय, सम्मान, कर्क: शारीरिक कष्ट, सिंह, राज्य से लाभ, कन्या: विवाद, यात्रा में कष्ट, तुला: लाभ, मानसिक कष्ट, वृश्चिक: पदोन्नति, संतोष, धनु: परिजन से विवाद, मकर: कलह, कुंभ: तनाव, मीन: मान सम्मान बढ़ेगा।

खरमास होगा समाप्त

रविवार 14 जनवरी को दोपहर 2.21 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा, जो अगले दिन दोपहर इसी समय तक रहेगा। इस दिन त्रयोदशी तिथि में बृहस्पति व मंगल के तुला राशि में साथ रहने से पारिजात योग रहेगा, जो अत्यंत शुभ होता है। सूर्य के धनु से मकर राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा और शुभ कार्य प्रारंभ होंगे।

पंचांगों में सूर्य के राशि परिवर्तन के समय में अंतर

ज्योषियों का मत है कि पुष्पांजलि व निर्णय सागर पंचांग के अनुसार 14 को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश दोपहर 2.04 पर होगा। इस कारण इसी दिन पर्व मनाया जाना उत्तम रहेगा। इस दिन रात 9.07 मिनट से 15 को दोपहर 12.09 मिनट तक विशेष पुण्यकाल रहेगा।

वाहन – महिष, उपवाहन-ऊंट: इस बार मकर संक्रांति का स्वरूप वाहन महिष व उप वाहन ऊंट होगा। इसका प्रभाव यह रहेगा कि पिछड़े वर्ग के लोगों की उन्नति व कृषि व्यवसायियों को लाभ होगा। युवा वर्ग को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

 

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