टिप्स फॉर यू…जरूरी है रिश्तों की सर्विसिंग…

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कहीं चाहतें हैं, तो कहीं राहतें हैं…कहीं दर्द तो कहीं बंदिशें…दवा भी है ये और दुआ भी…मीठी बारिश भी हैं और ठंडी हवा भी…वैवाहिक जीवन में आपसी सामंजस्य पति-पत्नी के रिलेशन को स्ट्रॉग और सुंदर बनाती है।

यही रिश्ता अगर पति-पत्नी अपने बीच भी कायम कर लें तो उनका दांपत्य सुखपूर्वक गुजरेगा लेकिन ऐसे दंपत्ति बहुत कम मिलेंगे जो सच्चे दोस्तों की तरह रहते हों वरना शादी के कुछ साल बाद ही उनका रिश्ता इतना मैकेनिकल और उबाऊ हो जाता है कि खुशी की तलाश में वे कभी-कभी विवाहोत्तर संबंधों के जाल में भी फंस जाते हैं। आपसी मेलजोल और एक साथ समय बिताने से न सिर्फ रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि हमारा हौसला और आत्मविश्वास भी बना रहता है। हम अपने अंदर सकारात्मकता का अनुभव करते हैं। एक मनोवैज्ञानिक तथ्य है कि वैवाहिक जीवन में एक ऐसा मुकाम आता है जब पतिपत्नी, पति-पत्नी न लगकर भाई-बहन लगने लगते हैं, ये उनके एक-दूसरे के करीब रहकर घुलमिल जाने की इंतिहा है। काम या काम से संबंधित बात के अलावा पति हल्का-फुल्का मजाक भी करे ताकि घर का मौहाल खुशनुमा बना रहे। दोस्ती की अगर सब रिश्तों में सबसे ज्याद समतल और मंजिल तक सीधे पहुंचाने वाली है। हर व्यक्ति की एक मंजिल क्या है, इससे तो आप बहुत अच्छे से वाकिफ ही होंगे। राह वह कोई भी पकडे सुख, शांति, प्यार यही तो वह चाहता है। ये उसे सिर्फ जिगरी दोस्त उसकी उपस्थिति, उसका अहसास ही दे सकता है। अगर पति-पत्नी एक-दूसरे को प्यार करते हैं तो उन्हें एक-दूसरे के हर रूप को अपनाना होगा। लेकिन यहां बस यह ध्यान जरूर रहे, कि इसे स्वीकारने का अधिक लाभ न उठाया जाए। अगर आपको लगता है कि आप दोनों के बीच प्यार कम हो गया है तो समय-समय पर प्यार का इजहार जरूर करें, फिर चाहे तरीका कोई भी क्यों न हो।

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