श्रीराम कथा :राम ना कथन है, ना श्रवण, राम जीवन है

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ग्वालियर : मुरार के श्रीराम लीला मैदान में चल रही श्रीराम कथा के चौथे दिन राष्ट्रसंत माँ कनकेश्वरी जी ने गुरु वंदना से शुरुआत करते हुए दोहा-
श्री गुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ।।
तदुपरांत उन्होंने कहा कि-प्रवाह दुर्लभ नहीं, पात्रता दुर्लभ है।ईश्वरीय ज्ञान का प्रवाह कहीं न कहीं से प्राप्त हो ही जाता है।
हमारे ग्रंथों में प्रयाग को श्रेष्ठ तीर्थ कहा गया है। उन्होंने श्रीराम की महत्ता के बारे में कहा कि राम ना कथन है, ना श्रवण, राम तो जीवन है।
गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि जब राम जीवन बने, तब विश्राम की अनुभूति होती है।महापुरुषों के घर में राम नहीं होते, लेकिन उनके जीवन में राम होते हैं।जो व्यक्ति स्वयं की मर्यादा, स्थान की मर्यादा और धर्म की मर्यादा समझते और पालन करते हैं, उनको परमात्मा की मर्यादा की जरूरत नहीं है। उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि जब तक तन, मन, धन और विचार की शुद्धि नहीं होगी, तब तक राम नहीं मिलेंगे. परमार्थिक कार्य से शरीर को तपाने से शरीर शुद्ध हो जाता है।
उन्होंने श्री हनुमानजी का उदाहरण देते हुए चौपाई सुनाई-
कंचन बरन बिराज सुबेसा ।
कानन कुंडल कुंचित केसा।।
उन्होंने कहा-हम सनातनी हैं, मिटनेवाले नहीं हैं। जब भारत का नागरिक होने का गौरव होगा, तभी भारतीयता आयेगी।
जबान पर लगा घाव जल्दी ठीक हो जाता है, लेकिन जबान से दिया गया घाव जल्दी ठीक नहीं होता। इसलिए सदैव वाणी पर नियंत्रण करना चाहिये।
माँ कनकेश्वरी जी ने शिव द्धारा सती का त्याग, शिव की समाधि, सती का दक्ष यज्ञ में जाना, श्रीराम का शिव जी से विवाह के लिए अनुरोध, शिव की बारात, विवाह, शिव-पार्वती संवाद का विस्तार से चित्रण प्रस्तुत किया।
अंत में उन्होंने श्रीराम जी के पृथ्वी पर अवतरण का संक्षिप्त विवरण बताते हुए छंद-
भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी ।
हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रुप बिचारी ।।
लोचन अभिरामा तनु घनस्यामा निज आयुध भुज चारी ।
भूषन बनमाला नत्रन बिसाला सोभासिंधु खरारी।।
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पंडाल खचाखच भरा
आयोजन समिति के अशोक जैन के मुताबिक श्रोताओं से आज पंडाल खचाखच भर गया तथा श्रोतागण धैर्यपूर्वक श्रीराम कथा शाम 6 बजे तक श्रवण करते रहे।
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इन्होंने की पोथी पूजन-आरती
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पत्नि किरण सिंह, पुत्र देवेन्द्र प्रताप सिंह ‘रामू’, कुलपति लवली शर्मा, विधायकगण प्रहलाद भारती(पोहरी), रमेश खटीक (करैरा); महापौर अशोक अर्गल (मुरैना), सभापति राकेश माहौर, शैलेन्द्र बरुआ,अनूप भदौरिया (मुरैना),महावीर सिसौदिया(श्योपुर), अरविंद अग्रवाल, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता, पूर्व विधायक संध्या राय, भीकम सिंह सेंगर (भांडेर),महेश उमरैया, राजू सेठ आदि ने पोथी पूजन तथा आरती कर कथा श्रवण की. समस्त कार्यवाहियों का संचालन महेश मुदगल ने किया।

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