GST काउंसिल ने ज्वैलर्स को राहत दी: अब 2 लाख रुपये तक के जेम्स, ज्वैलरी की खरीदारी पर ही देना होगा PAN

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नई दिल्लीः आज ज्वैलर्स को राहत देते हुए 50,000 रुपये तक के जेम्स, ज्वैलरी की खरीद पर पैन देने का नियम हटा दिया गया है. अब 2 लाख रुपये तक के जेम्स, ज्वैलरी, प्रीशियस स्टोन की खरीदारी करने पर ही पैन कार्ड या पैन नंबर दिखाना होगा. इसके अलावा जीएसटी काउंसिल से आज छोटे व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिली है. 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वाले व्यापारी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हो गए हैं.
वहीं जीएसटी काउंसिल ने छोटे व्यापारियों को भी बड़ी राहत दी है. 1.5 करोड़ रुपये तक के टर्नओवर वाले व्यापारी भी जीएसटी के दायरे से बाहर हो गए हैं.ज्वैलर्स को राहत देते हुए दो लाख से ज्यादा कीमत के सोना, ज्वैलर्स, जेम्स, प्रीशियस स्टोन की खरीद करने पर ही पैन कार्ड या पैन नंबर देना होगा. ये सीमा पहले 50,000 रुपये तक की खरीदारी पर थी.अब से थोड़ी देर में जीएसटी काउंसिल में लिए गए फैसलों का एलान किया जाएगा.सुबह 10.30 बजे जीएसटी काउंसिल की अहम बैठक शुरू हुई थी.वित्त मंत्री अरुण जेटली की अगुवाई वाली GST काउंसिल की बैठक में आज कई अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद है.माना जा रहा है कि छोटे व्यापारियों को हर महीने रिटर्न भरने से छुटकारा मिल सकता है और आगे से 3 महीने में एक बार रिटर्न भरने की सुविधा मिल सकती है.माना जा रहा है कि हर महीने की जगह 3 महीने में रिटर्न दाखिल करने की सुविधा और कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ किए जाने की उम्मीद है. बैठक सुबह 10.30 बजे से जारी है और अब से थोड़ी देर में देश के सबसे बड़े टैक्स नियमों में कुछ बदलावों का एलान हो सकता है.
इससे पहले उप-राष्ट्रपति वैंकेया नायडु ने कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि जीएसटी भारत का अबतक का सबसे बड़ा क्रांतिकारी टैक्स सुधार है. किसी भी बदलाव या किसी भी सुधार के रास्ते में शुरुआत में कुछ रुकावटें, कुछ मुश्किलें आती ही हैं. नायडू रेलवे और मेट्रो प्रोजेक्ट्स में टेक्नोलॉजी एडवांसमेंट पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बोल रहे थे.

एक दिन पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेट (ICAI) के कार्यक्रम में कहा था कि जीएसटी में अगर कोई भी दिक्कतें आ रही हैं तो उनको बदला जाएगा. कल जीएसटी ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (जीओएम) के चेयरमैन सुशील मोदी ने भी एबीपी न्यूज पर संकेत दिए थे कि स्मॉल ट्रेडर्स को तिमाही आधार पर रिटर्न भरने की सुविधा दिए जाने की सिफारिश की जाएगी.

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