प्रद्युम्न से नहीं मिले सिंधिया,आखिर क्यों ?

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– जेल में प्रद्युम्न करते रहे इंतजार, जेल के पास कांग्रेस नेता के घर से शोक जताकर सिंधिया निकल गये
– सिंधिया के आने के खबर से जेल प्रशासन ने कर ली थी पूरी तैयारी
ग्वालियर। राजनीति में सितारे कब बदल जाये कुछ पता ही नहीं चलता। जेल में बंद प्रद्युम्न तोमर अपने नेता सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का जेल में मिलने को इंतजार करते रहे और श्री सिंधिया जेल के सामने से अपनी गाड़ी में बैठे निकल गये। जेल प्रशासन भी सिंधिया के आने की संभावना को लेकर सतर्क था ,और सभी इंतजाम भी पूरे कर लिए थे ।
जनता के गंदे पानी की शिकायत को लेकर निगमायुक्त का घेराव करने पर जेल में पूर्व विधायक प्रद्युम्न तोमर बंद है। जनसमस्या को लेकर किए गए आंदोलन पर जहां आमजनों की उनके प्रति हमदर्दी दिख रही है। वहीं ज्योतिरादित्य सिंधिया का उनको अब तक साथ नहीं मिला है। बीते रोज प्रवास पर आये पूर्व केन्द्रीय मंत्री जेल के पास रहने वाले शैलू चौहान के घर पहुंचे तो सबको उम्मीद थी सिंधिया प्रद्युम्न से मिलने पहुंचेंगे। इसी संभावना को देखते हुये जेल प्रशासन ने आवश्यक तैयारियां कर रखी थी। वही प्रद्युम्न भी सिंधिया के आने को लेकर जेलर के कक्ष में बैठकर उनका इंतजार करते रहे। परंतु सिंधिया का काफिला जेल के बाहर से निकल गया और किसी को खबर भी नहीं लगी। वही समय बीतने पर जब सिंधिया जेल नहीं पहुंचे तो वापिस जेलर ने उन्हें उनकी सेल में पहुंचा दिया । सिंधिया के इंतजार में बैठे प्रद्युम्न उनकी बांट ही जोहते रहे, नहीं पहुंचने पर वह काफी मायूस दिखे। अब सिंधिया के जेल नहीं जाने पर राजनैतिक गलियारों में तरह तरह की चर्चा है। वही नेताओं की अपनी बातें भी है।

आपने कहा :
हमें सांसद सिंधिया के जेल में पूर्व विधायक प्रद्युम्न तोमर से मुलाक़ात करने की सूचना मिली थी।इसी सूचना के आधार पर हमने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थी ।इन्तजार भी किया लेकिन सिंधिया नहीं आये ।
– प्रभात कुमार ,जेलर , केन्द्रीय जेल ,ग्वालियर

प्रद्युम्न की उपेक्षा का मतलब !
ऐसा बताया जाता है कि सिंधिया आजकल उपनगर ग्वालियर में कांग्रेस का नया चेहरा खोजने की कवायद में हैं। इन नये चेहरों में सुनील शर्मा, राजेन्द्र नाती और मालनपुर के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र शर्मा शामिल हैं। इन तीनों का सपना भी उपनगर ग्वालियर से विधायक बनने का है। वही दूसरी और प्रद्युम्न सिंह को भिंड जिले की अटेर उप चुनाव की जिम्मेदारी सौपी गई थी ,लेकिन वे अपने क्षेत्र की गंदे पानी की समस्या लेकर धरने पर बैठ गए ।बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और जेल भेज दिया ।

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