त्रिपुरा में पेट्रोल 300, डीजल 150 रुपये लीटर, भारी बारिश से जनता बेहाल

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नई दिल्लीः जहां इस समय पूरे देश में अच्छा मानसून देखा जा रहा है वहीं देश के कुछ भागों में अत्याधिक बारिश की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अभी गुड़गांव में बारिश की वजह से 24 घंटो लंबा जाम खबरों में सुर्खियों में छाया हुआ है वहीं देश के पूर्वोत्तर भाग में लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों से जूझना पड़ रहा है. इसी कड़ी में त्रिपुरा में भारी बारिश के कारण हालात खराब हो गई हैं. आसाम-त्रिपुरा नेशनल हाइवे को तेज बारिश के कारण बेहद नुकसान पहुंचा है और यहां ट्रांसपोर्ट ना होने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान पर जा पहुंची हैं.

आपको सुनकर यकीन नहीं होगा कि त्रिपुरा में पेट्रोल के दाम 300 रुपये प्रति लीटर और डीजल के भाव 150 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंचे हैं. त्रिपुरा में बारिश के कारण रोड़ ब्लॉक होने और जलभराव होने की वजह से रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान की तंगी हो गई है. माल, सब्जियों, फल, ईंधन, दूध से भरे ट्रक यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं जिसकी वजह से लोगों को त्रिपुरा में बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

क्यों है त्रिपुरा में पेट्रोल-डीजल इतना महंगा

त्रिपुरा में सरकार ने पेट्रोल-डीजल के लिए ऑड-ईवन व्यवस्था लागू कर रखी है जिसकी वजह से ट्रकों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा है. पेट्रोल-डीजल पर राशनिंग सिस्टम लागू होने के चलते ट्रकों के ना आने के कारण ही पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान पर हैं.

त्रिपुरा की राजधानी में संघर्ष

इन मुश्किल हालातों में त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में विपक्षी पार्टियों के प्रदर्शन के कारण भी हालात और बदतर हो गए हैं. प्रदर्शनकारी पुलिस के साथ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. अगरतला में इस समय स्कूल भी 3 दिन के लिए बंद कर दिए गए हैं क्योंकि स्कील बसेज को चलाने के लिए उन्हें फ्यूल नहीं मिल पा रहा है जिसकी वजह से बसे नहीं चल पा रही हैं.हालांकि त्रिपुरा के वित्त मंत्री भानूलाल साहा ने कहा है कि आईओसीएल ने बांग्लादेश के जरिए फ्यूल लाने के लिए कदम उठाए हैं और राज्य में खाने-पीने की चीजों की सप्लाई बहाल करने के लिए भी एफसीआई बांग्लादेश के जरिए चावल लाने के लिए कदम ले रही है. आसाम-त्रिपुरा नेशनल हाइवे के भारी वर्षा से टूट-फूट जाने, एनएच8 के 3 महीने से बंद रहने के चलते हालात बेहद खराब हो गए हैं और यहां से स्टेट की कनेक्टिविटी काफी खराब हो गई है. त्रिपुरा, असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्य खाने-पीने की चीजों, जरूरी वस्तुओँ और फ्यूल की सप्लाई के लिए नेशनल हाइवे पर ही निर्भर हैं.

राजनीतिक मोर्चे पर भी घमासान

त्रिपुरा के सीएम मानिक सरकार से विपक्षी पार्टी बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस लगातार प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं और खराब हालातों के लिए असम सरकार को भी जिम्मेदार ठहरा रहे हैं क्योंकि असम-त्रिपुरा के बीच हाइवे के देखरेख की जिम्मेदारी दोनों राज्यों की संयुक्त है.

 

 

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