श्रीनिवासन को SC से बड़ा झटका, BCCI चुनाव लड़ने पर रोक

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नई दिल्ली :सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस में बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को बड़ा झटका देते हुए उनके बीसीसीआई अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने बीसीसीआई को 6 हफ्ते के अंदर चुनाव कराने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके साथ ही राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी में दोषी बताया। कोर्ट ने उनकी सजा तय करने के लिए तीन जजों का पैनल बनाया है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड के नियम 6.2.4 को रद्द कर दिया। इस नियम के चलते ही बोर्ड के सदस्यों को व्यावसायिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की इजाजत दी गई थी। इस नियम के रद्द होने से एन. श्रीनिवासन भारतीय क्रिकेट बोर्ड का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, क्योंकि वह इंडिया सीमेंट्स कंपनी के मालिक और डायरेक्टर भी हैं, जो आईपीएल में चेन्नै सुपर किंग्स टीम का संचालन करती है।
कोर्ट ने इस नियम पर बीसीसीआई को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि श्रीनिवासन को टीम खरीदने की इजाजत देने वाला नियम इस मामले में असली खलनायक है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा कि श्रीनिवासन समेत जो-जो अधिकारी इन नियम के घेरे में हैं, वे चुनाव नहीं लड़ सकते हैं।
कोर्ट ने कहा कि श्रीनिवासन को आईपीएल टीम का स्वामित्व लेने की अनुमति देने के लिए बीसीसीआई के नियमों में संशोधन सही नहीं था। हितों के टकराव ने बहुत भ्रम की स्थिति पैदा की।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुंद्रा और श्रीनिवासन के दामाद गुरुनाथ मययपन की सट्टेबाजी में भूमिका साबित हुई है। मयप्पन और कुंद्रा के खिलाफ दंड का निर्धारण करने के लिए पूर्व चीफ जस्टिस आर. एम. लोढा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बीसीसीआई के निर्वासित अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को थोड़ी राहत दी। कोर्ट ने कहा कि श्रीनिवास के खिलाफ आरोपों पर पर्दा डालने के आरोप साबित नहीं हुए हैं।

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