संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की दोबारा हड़ताल से पहले सरकार का बड़ा फैसला- हर महीने मिलेगा विशेष प्रोत्साहन भत्ता

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भोपाल । अजयभारत न्यूज
मध्यप्रदेश में फिर से हड़ताल पर जाने से पहले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को सरकार ने बड़ी सौगात दी है. तकनीकी, प्रबंधकीय स्टाफ को हर महीने अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा. अपनी मांगें पूरी न होने से नाराज़ ये कर्मचारी 16 जून से दोबारा हड़ताल पर जाने की तैयारी में थे.
हाल ही में प्रदेश के 19 हजार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने हड़ताल की थी जो सरकार के आश्वासन के बाद खत्म हुई थी. एनएचएम ने मांगों को मानने का आश्वासन लिखित में दिया था. अब एनएचएम ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को विशेष प्रोत्साहन भत्ता देने का आदेश जारी कर दिया है. कर्मचारियों को हर महीने अतिरिक्त 2 से 4 हजार रुपए मिलेंगे. इससे 19 हजार से ज्यादा कर्मियों को फायदा मिलेगा.
15 जून तक का था अल्टीमेटम
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मांगें पूरी करने के लिए 15 जून तक का अल्टीमेटम दिया था. अपनी मांगें पूरी होन का कर्मचारी इंतजार कर रहे थे. इस बीच सरकार ने ये फैसला दे दिया. संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी थी कि अगर 15 जून तक मांगें पूरी नहीं की जाती हैं तो 16 जून से वो एक बार फिर से हड़ताल पर चले जाएंगे.
ये थी मांग
प्रदेश के 19 हज़ार से ज्यादा संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संकट काल में कोविड वॉर्ड, अस्पताल और कोविड केयर सेंटर्स में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कर्मचारी आधे वेतन में काम कर रहे हैं. ड्यूटी के दौरान इनमें से कई को कोरोना भी हो गया था. कई लोगों की जान भी चली गई. जानकारी के अनुसार सामान्य प्रशासन विभाग ने संविदा कर्मचारियों को 90% वेतनमान देने के निर्देश दिए थे. सभी विभागों को 90% वेतनमान दिया जा रहा है. लेकिन NHM के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अभी भी आधे वेतन पर काम कर रहे हैं. ऐसे में इन कर्मचारियों ने सीएम शिवराज सिंह चौहान, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी को पत्र लिखकर 90% वेतनमान देने की मांग की थी.
वित्त विभाग के पास फाइल पेंडिंग
2018 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए एक नीति बनाई थी जो कैबिनेट में पारित भी हो गई थी. सामान्य प्रशासन विभाग की मंजूरी बाद भी एनएचएम के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का मामला वित्त विभाग में पेंडिंग था. अब जाकर इस पर फैसला हुआ है.

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