मप्र पहुंचा जिंदगी का टीका; 3 दिन बाद कोरोना वैक्सीनेशन

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-भोपाल में 9400, इंदौर में 15200 और जबलपुर में 15100 वायल्स पहुंचेे, ग्वालियर में आज आएगी वैक्सीन
-पहले चरण में 16, 18, 20 व 23 जनवरी को होगा वैक्सीनेशन
भोपाल। सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड के एक दिन बाद भारत बायोटेक की कोवैक्सिन की भी डिलीवरी शुरू हो गई है। कोवैक्सिन की पहली खेप बुधवार सुबह 6.40 बजे एयर इंडिया की फ्लाइट से हैदराबाद से दिल्ली भेजी गई। दिल्ली के अलावा बेंगलुरु, चेन्नई, पटना, जयपुर, लखनऊ, रांची, कुरूक्षेत्र, कोच्चि समेत 11 शहरों में इसकी पहली खेप पहुंच गई है।

वहीं बुधवार को ही मप्र की राजधानी भोपाल, इंदौर और जबलपुर में वैक्सिन पहुंची, जबकि ग्वालियर में गुरूवार को वैक्सिन पहुंचेगी। मप्र में वैक्सीनेशन की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है। बुधवार को इंडिगो की फ्लाइट 8 बॉक्स में 9400 कोरोना वैक्सीन की वायल्स(शीशियां )पुणे से मुंबई होती हुई भोपाल पहुंची। वैक्सीन एयरपोर्ट से सीधे कमला पार्क के रीजनल ड्रग स्टोर पहुंचाई गई। वहीं इंदौर में शाम 4.15 बजे इंडिगो फ्लाइट से 15200 वायल्स और जबलपुर में शाम 6.10 बजे स्पाइस जेट फ्लाइट से 15100 वायल्स पहुंची, जबकि ग्वालियर में 14 जनवरी को रेफ्रिजरेटेड वेन से 10950 वायल्स पहुंचेगी।
मप्र में पहले फेज में वैक्सीन के 5 लाख डोज की पहली खेप पहुचने के बाद घंटे में वैक्सीन प्रदेश के अन्य जिलों में पहुंचाई जा रही है। पहले चरण में 16, 18, 20 व 23 जनवरी को वैक्सीनेशन होगा। इसे एक दिन और बढ़ाने की तैयारी भी है। सबसे पहले प्रदेश के 4.16 लाख सरकारी और प्राइवेट हेल्थ वर्कर्स को कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके बाद फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर सफाई कर्मी और पुलिस कर्मियों का वैक्सीनेशन किया जाएगा।
पांच लाख डोज में कोविशील्ड के 4.80 लाख, जबकि कोवैक्सीन के 20 हजार डोज शामिल हैं। वैक्सीनेशन के लिए प्रदेश में 4.2 करोड़ डोज स्टोर करने की व्यवस्था की गई है। वैक्सीनेशन के लिए 1149 पॉइंट बनाए गए हैं, जबकि स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या 302 है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम और कमांड सेंटर की स्थापना की जा चुकी है। साथ ही हर जिले तथा ब्लॉक स्तर पर भी कार्य की निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं।

1 सेंटर में 100 लोगों को लगेगा वैक्सीन
जानकारी के मुताबिक एक सेंटर पर करीब 100 लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारियां की गई हैं। फस्र्ट फेस में अवकाश और दूसरे दिन कोरोना की वैक्सीन नहीं लगाई जाएगी। फस्र्ट फेस को 5 दिन में पूरा करने की तैयारी है। केवल भोपाल में ही 1 दिन में 8 से 10 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का रोडमैप बनाया गया है। रजिस्ट्रेशन की जिम्मेदारी सरकारी अधिकारियों की होगी। जिस व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन है, उसी को वैक्सीन लगाई जाएगी।

समय सुबह 9 से शाम 5 बजे तक
वैक्सीन लगाने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक होगा। एक दिन में एक सेशन होगा। वैक्सीन लगने के बाद 30 मिनिट तक इंतजार करना होगा। वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन सिर्फ कोपिन ऐप पर ही होगा। 50 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्ति जिन्हें कोई और बीमारी है वो खुद भी अपनी जानकारी अपलोड कर सकते हैं।

8 जिलों को मिले 94 हजार डोज
मप्र में वैक्सीन के 5 लाख डोज का एक हिस्सा पहली खेप के रूप में बुधवार सुबह भोपाल पहुंचा। भोपाल डिवीजन सेंटर से 24 घंटे में वैक्सीन जिलों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड और भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन तैयार की है। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. संतोष शुक्ला ने बताया कि भोपाल डिवीजन के 8 जिलों को कुल 94 हजार डोज दिए गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा भोपाल को 36 हजार डोज मिले हैं। यहां सबसे ज्यादा फ्रंटलाइन वर्कर हैं। भोपाल में 37 में से 36 फोकल पाइंट पर यह वैक्सीन अगले 24 घंटे में पहुंचा दिए जाएंगे। इसके बाद इन फोकल पाइंट से शहर के 85 वैक्सीन सेंटर तक पहुंचाया जाएगा, जहां 16 जनवरी से फ्रंटलाइन वर्कर को टीका लगना शुरू हो जाएगा। अधिकतम 14 दिनों में सभी को यह डोज लगा दिए जाएंगे।

16 नए फोकल पाइंट बनाए गए
अधिकारियों के अनुसार भोपाल में पहले से 37 फोकल पाइंट हैं। इनमें से 36 में वैक्सीन रखा जाएगा। इसके अलावा 16 नए फोकल पाइंट बनाए गए हैं। इसका उपयोग फेस-2 और फेस-3 में किया जाएगा। कहां कितने वैक्सीन भेजे जाने हैं, इसको लेकर कलेक्टर बैठक कर रहे हैं। वहां फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या के आधार पर वैक्सीन भेजे जाएंगे।

16 जनवरी से चलेगा महाटीकाकरण अभियान
राजधानी समेत प्रदेशभर में 16 जनवरी से महाटीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए भी सारी तैयारी पूरी कर ली है। कुछ दवाओं को स्वास्थ विभाग के अमले को लगाया जाएगा। इनके लिए डोजेस स्टोर किए गए हैं। इसके बाद आम जनता को टीका लगाया जाएगा। सभी जिले के लिए पदाधिकारी को नियुक्त कर इन्हें जिम्मेदारी सौंपी जा चुकी है।

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