अमृत योजना में देरी … निगमायुक्त ने ठेकेदार के खिलाफ दिए कार्यवाही के निर्देश

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने आज शहर में अमृत योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की तथा समस्त योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेकर कार्य में देरी के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों के खिलाफ आर्थिक दंड आरोपित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव, राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेन्द्र पालिया, अधीक्षण यंत्री आएलएस मौर्य, सहायक यंत्री आर के शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान अधीक्षण यंत्री आएलएस मौर्य ने बताया कि ग्वालियर शहर की पेयजल तथा सीवर व्यवस्था हेतु अमृत योजना अंतर्गत प्रमुख रूप से चार कार्य शासन द्वारा स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से प्रमुख कार्य तिघरा बांध तक जलालपुर स्थित नवीन प्रस्तावित निर्माणाधीन 160 एमएलडी जल शोधन संयंत्र तक 1600 एमएम व्यास की आरसीसी की पाइप लाइन बिछाने का कार्य था। जिसकी लागत 42.3 करोड़ थी। यह कार्य संबंधित ठेकेदार द्वारा दिनांक 9ः10.2017 को 2 वर्ष की में पूर्ण करने के लिए आवंटित किया गया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा कार्य की धीमी गति के कारण मार्च 2020 तक टाइम एक्सटेंशन दिया गया तथा विलंब के लिए ठेकेदार पर आर्थिक दंड आरोपित करते हुए कार्य को शीघ्र पूर्ण करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। निगमायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि यह कार्य किसी भी स्थिति में 31 मार्च 2021 तक पूर्ण करें अन्यथा ठेकेदार पर अनुबंध के अनुसार आर्थिक दंड आरोपित कर उसकी एफडीआर जप्त करने की कार्रवाई भी करें तथा जो भी तकनीकी व्यवधान हो उन्हें प्राथमिकता के क्रम में दूर किया जावे।
अधीक्षण यंत्री श्री मौर्य ने बताया कि दूसरा कार्य ग्वालियर शहर के अंतर्गत 43 टंकियां, 7 सम्प्बैल, 770 किलोमीटर की डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, 46 किलोमीटर की फीडर लाइन तथा 160 एमएलडी का जल शोधन संयंत्र निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। इस परियोजना की कुल लागत 276.35 करोड थी। यह कार्य संबंधित ठेकेदार को दिनांक 25.9. 2017 को आवंटित किया गया। ठेकेदार के द्वारा उक्त कार्य  24 महीने में पूर्ण किया जाना था। ठेकेदार द्वारा धीमी गति के कारण अभी तक 74 प्रतिशत कार्य हो सका है। शेष कार्य प्रगति पर है। इस संबंध में निगमायुक्त श्री वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि जल शोधन संयंत्र तथा पानी की टंकियों का कार्य 31 मार्च से पूर्व संपादित कराना सुनिश्चित करें। जिससे आने वाली गर्मी के मौसम में शुद्ध पेयजल का लाभ शहर के नागरिकों को मिल सके। साथ ही ठेकेदार द्वारा किए गए विलंब के कारण अनुबंध के अनुसार उस पर पेनल्टी लगाई जाए एवं कार्य की धीमी गति के लिए ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को प्रेषित किया जावे।
अधीक्षण यंत्री श्री मौर्य ने बताया कि  तीसरी परियोजना लश्कर ग्वालियर क्षेत्र में सीवर लाइन तथा 145 एवं 4 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण किया जाना प्रस्तावित था। इस परियोजना की कुल लागत 173.32 करोड़ की यह कार्य ठेकेदार को दिनांक 28.9 .2017 को आवंटित किया गया था। यह कार्य भी ठेकेदार को 2 वर्ष में पूर्ण करना था। ठेकेदार द्वारा अभी तक औसतन 95 प्रतिशत कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा वर्तमान में जलालपुर में 145 एमएलडी के सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ट्रायल एंड रन की कार्यवाही प्रगतिरत है। ललिया पुरा स्थित 4 एमएलडी का निर्माणाधीन प्लांट दिनांक 31.3.2020 तक पूर्ण होना संभावित था। निगमायुक्त श्री वर्मा द्वारा निर्देशित किया गया है, क्योंकि ठेकेदार को यह कार्य 31.3. 2020 को तक पूर्ण करना था, जो कि अभी तक उसके द्वारा नहीं किया गया है। अतः ठेकेदार पर भी अनुबंध के अनुसार आर्थिक दंड आरोपित किया जाए तथा कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाने के लिए जो भी तकनीकी व्यवधान उसे दूर किया जाए।
अधीक्षण यंत्री श्री मौर्य ने बताया कि चैथी परियोजना के रूप में मुरार क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाना तथा लाल टिपारा एवं शताब्दीपुरम में क्रमश 65 एमएलडी एवं 8 एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जाना प्रस्तावित था। उक्त कार्य को कराने संबंधित ठेकेदार को 25.9.2017 को जारी किए गए थे। यह कार्य भी 2 वर्ष में पूर्ण किया जाना था। जिसमें अभी तक लाल टिपारा एवं शताब्दीपुरम प्लांट का कार्य तथा सीवर लाइन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उक्त कार्य को दिनांक 31.3. 2020 तक पूर्ण किया जाना था। निगमायुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि विलंब के लिए संबंधित ठेकेदार पर अनुबंध के अनुसार आर्थिक दंड आरोपित करें तथा इनके विरुद्ध अनुबंध के अनुसार परफॉर्मेंस ना करने के कारण कार्रवाई का प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा जाए।
सर्व स्वसहायता समूह की महिलाओं ने किया निगमायुक्त का सम्मान
ग्वालियर।सर्व स्वसहायता समूह की महिला कार्यकर्ताओं दीदियों द्वारा बुधवार को संभागीय ग्रामीण हाट बाजार फूलबाग में एक कार्यक्रम का आयोजन कर पूर्व जिला पंचायत सीईओ एवं वर्तमान निगमायुक्त शिवम वर्मा का सम्मान कर जिला पंचायत सीईओ ग्वालियर रहते हुए उनके द्वारा स्व सहायता समूहों को स्थापित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में प्रभारी सीईओ जिला पंचायत आशीष तिवारी आईएएस एवं सहायक सीईओ विजय दुबे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सर्व स्वसहायता समूह की दीदियों द्वारा बताया गया कि शिवम वर्मा द्वारा जिला पंचायत सीईओ ग्वालियर रहते हुए एनआरएलएम योजना अंतर्गत लगभग 3000 स्व सहायता समूहों का गठन कर लगभग 33 हजार ग्रामीण महिलाओं को बैंक से ऋण दिलवाकर विभिन्न प्रकार के राजगार उपलब्ध कराए गए। लाॅकडाउन के दौरान ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को मास्क एवं सैनीटाइजर का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं को रोजगार दिलाने व स्थापित करने के लिए जो प्रयास किए हैं, वह बहुत ही सराहनीय हैं। निगमायुक्त श्री शिवम वर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सिविल सर्विसेज में आने का उददेश्य पीडितजन की सेवा ही है और में हमेशा नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं एवं रोजगार व विकास के लिए प्रयास करता रहूंगा।
दिव्यांग नदीम की समस्या सुनने स्वयं चेम्बर से बाहर आए निगमायुक्त
ग्वालियर।दिव्यांग नदीम खान आज बुधवार को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग के लिए निगमायुक्त शिवम वर्मा को आवेदन देने निगम मुख्यालय पंहुचे। जब निगमायुक्त शिवम वर्मा को यह जानकारी मिली कि कोई दिव्यांग आवेदक अपनी समस्या को लेकर उनसे मिलना चाहता है। इस पर निगमायुक्त श्री वर्मा स्वयं चेम्बर से बाहर निकले और दिव्यांग नदीम खान से मुलाकात की। जिसपर नदीम द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने को लेकर गुहार लगाई। जिस पर निगमायुक्त श्री वर्मा ने आवेदन लेकर राष्ट्रीय शहरी रोजगार मिशन या अन्य किसी माध्यम से रोजगार के लिए प्रयास करने का आश्वासन नदीम को दिया।
नवागत निगमायुक्त शिवम वर्मा ने सांसद शेजवलकर से की सौजन्य भेंट
ग्वालियर।नवागत नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने बुधवार को ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर से उनके नई सडक स्थित सांसद निवास पर पंहुचकर सौजन्य भेंट की तथा निगम की विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर चर्चा की।

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