चंबल नदी में हादसा, नाव पलटने से 11 की मौत

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-मृतकों के लिए 1-1 लाख रु. सहायता राशि की घोषणा
कोटा। राजस्थान के कोटा जिले में चंबल नदी पर बड़ा हादसा हो गया। 50 से अधिक लोगों से भरी नाव के चंबल में डूब जाने से 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचे बचाव दल ने 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। वहीं अब तक 11 लोगों के शव बरामद हुए हैं। बाकी लोग अभी लापता बताये जा रहे हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुये पूरा पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर मौजूद है। जिला कलेक्टर उज्जवल राठौड़ और कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी मौके पर रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन पर निगरानी रखे हुये हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घटना को लेकर किया दुख व्यक्त किया है। हालात को देखते हुए मृतकों के शवों का मौके पर ही पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। सीएम अशोक गहलोत के निर्देश पर जिला कलेक्टर उज्ज्वल राठौड़ ने मृतक आश्रितों को तत्काल सहायता के रूप में मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक-एक लाख रु की सहायता राशि जारी करने के निर्देश दिये हैं। जानकारी के अनुसार हादसा खातौली इलाके में बुधवार को सुबह-सुबह गोठड़ा कला गांव के पास हुआ। हादसे के शिकार हुये ग्रामीण नाव से कमलेश्वर धाम दर्शन के लिए जा रहे थे। इसी दौरान अचानक नाव पलट गई और सभी लोग नदी के पानी में बह गये। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में प्रशासन पुलिस और राहत बचाव दल के साथ मौके पर पहंचा और पानी में डूबे लोगों की तलाश के लिये रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हादसे पर चिंता जताई है। लोकसभा सचिवालय ने जिला प्रशासन से संपर्क साधकर मामले की पूरी जानकारी ली है। कोटा से एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंच चुकी है। वहीं यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने भी जिला प्रशासन से फीडबैक लिया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। घटना स्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा है। राहत बचाव दल के गोताखोर नदी में डूबे लोगों को ढूंढने में जुटे हैं। नदी से निकाले गये दो शवों में से एक की शिनाख्त सियाराम नाम के व्यक्ति के रूप में हुई है।

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