शिवसागर में तो छापा मारा पर भडंगा की कर रहे अनदेखी ,डिजियाना को लेकर प्रशासन और खनिज विभाग का अलग ही है रुख

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शिवसागर में तो छापा मारा पर भडंगा की कर रहे अनदेखी
डिजियाना को लेकर प्रशासन और खनिज विभाग का अलग ही है रुख
बैतूल । लगातार मामला उठ रहा भडंगा में अवैध खनन का और इसके लिए डिजियाना को जिम्मेदार माना जा रहा वहीं इस मामले में कोई कार्रवाई करने की जगह खनिज विभाग शिवसागर में छापा मार रहा। यहाँ छापा मार रहे यह भी अच्छा है पर भडंगा नदी और नालों पर दबिश देने में रुचि नहीं दिखा रहा । इससे प्रशासन और खनिज विभाग पर भी सवाल उठ रहे ? लोग तो साफ तौर पर नियत को लेकर प्रश्न खड़े कर रहे? इस जगह पर रात में पोकलेन और जेसीबी से खनन हो रहा जिसे टैक्टर से टेमरु-मालवर डंप पर ले जाकर डंपरों में लोड किया जा रहा। सब कुछ स्पष्ट है खुला हुआ है इस के बाद भी यह सब हो रहा है। कोई कहता लोकल के अफसरों की सांठगाँठ बताता है तो कोई कम्पनी की ऊंची पकड़ का हवाला देता है । जो भी हो पर प्रतिबंध काल मे यह खनन नदी-नालों की परिस्थितिका तंत्र को तबाह कर रही उसके जलचर का जीवन खतरे में डाल रही है। दिन में तो भडंगा में एक दो वाहन नजर आते हैं पर रात होते ही वहां वाहन मेले जैसा नजारा होता है।
सब जा रहा है महाराष्ट्र
यहाँ जो भी खनन हो रहा उस से जिले में चल रहे निर्माण को कोई फायदा ही नहीं पूरी रेत महाराष्ट्र जा रही? वजह यह कि लोकल से 33 रुपए घनफिट मिल रहे वही महाराष्ट्र वालों से 50 रुपए घन फिट मिल रहे। लोकल डम्पर वालों को डंप की बजरी टाइप रेत दिखाते हैं वहीं बाहर वालों को यह अवैध खनन वाली। डिजियाना का यह खेल अंधी कमाई का है । इसलिए पूरी ताकत से लगे हुए हैं। खनन स्थल पर डम्पर सीधे नदी से भी भरे जा रहे हैं ।
पता सबको है पर सब मौन
यह जो कुछ डंप की आड़ में हो रहा इसकी जानकारी सबको है पर कोई भी डिजियाना के रसूख के सामने कुछ नहीं कहना चाहता है। कहते हैं कि उनका मैनेजमेंट तगड़ा है उनके इशारे पर धर पकड़ होती है। वर्तमान में ओवरलोडिंग हो रही पर कोई पकड़ नहीं रहा। यह इसका बड़ा सबूत है।हालत यह है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण की सड़कें तबाह हो रही पर कोई कुछ बोल नहीं रहा है। डिजियाना को एक तरह से खुली छूट मिली हुई है।
जगह-जगह बैठा रखे हैं मुखबिर
डिजियाना कंपनी के द्वारा हर जगह अपने मुखबिर बैठा रखे हैं जो कि रेलवे पुल बरबटपुर व चोपना के आस-पास बैठकर माइनिंग विभाग व राजस्व विभाग के वाहनों के आवागमन की जानकारी देते हैं । वहीं कुछ मुखबिर तो संबंधित विभाग के ही होने की चर्चा भी खूब जोरों पर है।
इनका कहना
अभी एन जी टी पी के चलते रेत के अवैध उत्खनन पर रोक लगाई गई है। अगर इसके वावजूद भी उत्खनन हो रहा है तो जिम्मेदार अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए ।
– आदित्य (बबला) शुक्ला, जिलाध्यक्ष भाजपा, बैतूल

आपके द्वारा अवैध उत्खनन किये जाने की जानकारी मिली है। अगर बंदिशों के बावजूद भी अवैध उत्खनन किया जा रहा है, तो मैं कलेक्टर और एसपी से इस विषयगत चर्चा करूंगा ।
– हेमन्त खंडेलवाल, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक बैतूल , प्रदेश कोषाध्यक्ष भाजपा

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