राधाकृष्ण ने पहने 100 करोड़ के हीरे-मोती के गहने, FB पर किये Live दर्शन

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– श्रद्धा भाव से मनी जन्माष्टमी…भक्तों ने फेसबुक से लाइव निहारी भगवान श्री राधा-कृष्ण की आलौकिक छवि पूजा अर्चना कर किया भगवान श्रीराधा कृष्ण का अभिषेक
ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
ग्वालियर में जन्माष्टमी के मौके पर गोपाल मंदिर में भगवान राधाकृष्ण का 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के गहनों से श्रृंगार किया गया है। जन्माष्टमी के दिन साल में एक बार राधाकृष्ण का रियासतकालीन गहनों से श्रृंगार किया जाता है। राधाकृष्ण के इस सजीले श्रृंगार का दर्शन करने भक्त दूर दूर से आते हैं। लेकिन इस बार कोरोना के कारण फेसबुक पर इनके दर्शन की व्यवस्था की गयी।
शहर में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा भाव के साथ मनाया गया! इस अवसर शहर की कृष्ण मंदिरों में आकर्षक सजावट कर भगवान का श्रंगार किया गया और पूजा अर्चना की गई! रात 12:00 बजे मंदिरों में नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल के जयकारे गूंजते नजर आए! कोरोना महामारी के चलते इस बार मंदिरों में पहले की तरह जन्माष्टमी पर भीड़ नहीं रही!
शहर के फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्री राधा-कृष्ण का श्रंगार ऐतिहासिक अमूल्य आभूषणों के साथ नगर निगम अधिकारियों द्वारा पूजा अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, अपर आयुक्त आरके श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, अपर आयुक्त वित्त देवेन्द्र पालिया, पार्क अधीक्षक मुकेश बंसल, दीपक सोनी सहित पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
गोपाल मंदिर में आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के अवसर पर दोपहर श्री राधाकृष्ण के श्रंगार के लिए भारी पुलिस सुरक्षा के साथ सेन्ट्रल बैंक के लाॅकरों से भगवान के गहने निगमायुक्त द्वारा गठित समिति की मौजूदगी में निकाले गए तथा मंदिर में गहनांे के देखभाल के बाद गहनों से भगवान का श्रंृगार किया गया तथा श्रृंगार के उपरांत पूजा अर्चना के पश्चात कोविड 19 के संक्रमण की संभावना को देखते हुए फेसबुक से लाइव कर शहरवासियों को भगवान के मनोहारी स्वरुप के दर्शन कराए गए।भगवान श्री राधाकृष्ण के मनोहारी रूप के दर्शन के लिये फेसबुक से लाइव देर रात तक भक्तगणों को दर्शन कराए गए। इसके साथ ही मंदिर को अत्याधुनिक आकर्षक विद्युत साज सज्जा के साथ सजाया गया है।
सिंधिया राजा ने बनवाया था मंदिर
सिंधिया राजवंश ने फूलबाग में गोपाल मंदिर का निर्माण कराया था। सन 1921 में सिंधिया रियासत के तत्कालीन महाराज माधवराव ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। भगवान राधा कृष्ण के लिए सिंधिया राजाओं ने गहने बनवाएं। आज़ादी के पहले तक इस मंदिर की देखरेख सिंधिया रियासत के लोग करते थे। आज़ादी के बाद सिंधिया राजवंश ने ये गहने भारत सरकार को सौंप दिए थे। नगर निगम ने इन गहनों को बैंक लॉकर में रखवा दिया।
2007 से शुरू हुई श्रृंगार की परंपरा
साल 2007 में नगर निगम आयुक्त पवन शर्मा ने गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी के दिन भगवान राधाकृष्ण की प्रतिमाओं का इन गहनों से श्रृंगार कराने की परंपरा शुरू कराई। राधाकृष्ण 100 करोड़ से ज्यादा के गहने पहनते हैं लिहाजा यहां कड़ी सुरक्षा रहती है।
फेसबुक पर दर्शन
नगर निगम कमिश्नर संदीप माकिन ने राधाकृष्ण के श्रृंगार के बाद परम्परागत आरती की। इस दौरान निगम अधिकारी और मंदिर समिति के लोग मौजूद थे। इस बार कोरोना के कारण भक्तों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया गया है। निगम के फ़ेसबुक पेज पर लाइव दर्शन की व्यवस्था की गई। हालांकि कुछ भक्त मंदिर पहुंचकर गोपाल मंदिर के शिखर दर्शन कर रहे हैं।
ये जेवरात पहने हैं राधाकृष्ण
-हीरे-जवाहरात से जड़ा स्वर्ण मुकुट
– पन्ना और सोने का सात लड़ी का हार
– 249 शुद्ध मोती की माला
– हीरे जड़े कंगन
– हीरे और सोने की बांसुरी
– प्रतिमा का विशालकाय चांदी का छत्र
– 50 किलो चांदी के बर्तन
– भगवान श्रीकृष्ण और राधा के झुमके
– सोने की नथ
-कंठी, चूडियां, कड़े

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