होम आईसोलेशन की अनुमति कदापि न दें: कलेक्टर

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-कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश के लिये बनाई रणनीति को लागू करने को लेकर हुई अहम बैठक
ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमित मरीजों को भी होम आईसोलेशन की अनुमति कदापि न दी जाए। कोरोना संक्रमितों को हर हाल में सरकारी कोविड केयर सेंटर अथवा पेड आईसोलेशन सेंटर में भिजवाएँ। इस आशय के निर्देश कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिले के सभी इंसीडेंट कमांडर को दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोरोना संक्रमित मरीजों को तत्परता के साथ बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएं, जिससे किसी भी संक्रमित मरीज की मृत्यु न हो।
बढ़ते हुए कोरोना संक्रमण पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिये जिला प्रशासन ने अगले 10 दिनों के लिये विशेष रणनीति बनाई है। इस रणनीति को लागू करने के सिलसिले में कलेक्टर श्री सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी ने मंगलवार को इंसीडेंट कमांडर एवं उनके साथ संलग्न पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक ली।
यहाँ बाल भवन में आयोजित हुई बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि घर पर ही आईसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन न किए जाने से कोविड संक्रमण बढ़ता है। इसलिये होम आईसोलेशन को रोकें। विशेष परिस्थिति में होम आईसोलेशन की अनुमति देने के लिये जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा को अधिकृत किया गया है। अत्यंत आवश्यक होने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा लिखित में वाजिब कारण बताए जाने पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा होम आईसोलेशन की अनुमति दी जायेगी। जिला प्रशासन द्वारा शहर में पूर्व से संचालित निजी कोविड सेंटर के साथ-साथ पेड होम आईसोलेशन की सुविधा भी शुरू कर दी गई है। फिलहाल गोले का मंदिर के समीप स्थित होटल सुरूचि को पेड होम आईसोलेशन सेंटर के रूप में अधिकृत किया गया है।
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने केन्टोनमेंट जोन में कोरोना गाइडलाइन का कड़ाई से पालन कराने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि केन्टोनमेंट जोन में पुख्ता बेरीकेटिंग की जाए। साथ ही जागरूकता के लिये पर्चे भी चिपकाए जाएँ। कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिए कि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि केन्टोनमेंट क्षेत्र में शामिल घरों में खान-पान सामग्री की आपूर्ति सप्लाई चैन के माध्यम से नियमित रूप से होती रहे। उन्होंने कहा कोरोना संक्रमित मरीज के क्लोज कॉन्टेक्ट वाले लोगों की कोरोना गाइडलाइन के अनुसार जाँच कराएँ। साथ ही सस्पेक्टेड लोगों को सरकारी अथवा पेड सेंटर में उनकी मर्जी के मुताबिक क्वारंटाइन जरूर कराएं। पुलिस अधीक्षक श्री सांघी ने कहा क्वारंटाइन क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों को हर दिन की गतिविधियों को दर्ज करने के लिये बुकलेट प्रदान की जाएं। इन बुकलेट में पुलिसकर्मियों द्वारा खासतौर पर अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण, सेनेटाइजेशन और सप्लाई चैन के बारे में जानकारी भरी जाएगी ।
बैठक में नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा, अपर कलेक्टर आशीष तिवारी, टी एन सिंह व रिंकेश वैश्य, सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉ. राजावत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. व्ही के गुप्ता, जिले के सभी इंसीडेंट कमांडर व उनके साथ संलग्न पुलिस अधिकारी मौजूद थे।
हर दिन मरीजों की जानकारी न देने वाले निजी अस्पताल होंगे सील्ड
कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज की मृत्यु का सबसे बड़ा कारण गंभीर मरीजों का देर से अस्पताल पहुँचना है। यह बात सामने आई है कि ऐसे मरीज पहले निजी अस्पतालों में अन्य बीमारियों का इलाज कराते रहते हैं और जब स्थिति गंभीर हो जाती है तब वह सरकारी अस्पताल में पहुँचते हैं। इसलिए हर दिन स्मार्ट सिटी के कमांड सेंटर के माध्यम से निजी अस्पतालों में आए मरीजों के बारे में जानकारी प्राप्त करें, जो निजी अस्पताल यह जानकारी न दें उन्हें सील्ड करने की कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने वार्ड समितियों को सक्रिय करने पर भी बल दिया और कहा वार्ड समितियों की बैठक लेकर गंभीर मरीजों का पता लगाया जा सकता है।
गाइडलाइन का पालन न करने वाली दुकानों को कराएँ बंद
सभी इंसीडेंट कमांडर को कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने निर्देश दिए कि वे दिन में कम से कम दो बार संबंधित पुलिस अधिकारियों के साथ शहर के बाजारों का निरीक्षण करें। दुकानों के सामने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिये गोल घेरा बनवाएं और ग्राहक इन्हीं गोल घेरों के भीतर खड़े हों। साथ ही सभी दुकानदार व ग्राहक मास्क लगाएं। जो दुकानदार गोल घेरा न बनवाकर कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन करें तो उनकी दुकानों को बंद (सील्ड) कराएँ। कलेक्टर ने शहर में विभिन्न स्थानों पर खड़े होने वाले दिहाड़ी श्रमिकों से भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिये गोल घेरे बनवाने के लिये नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए।

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