आर्थिक तंगी से जूझ रहा ग्वालियर नगर निगम; पिछले साल की तुलना में सिर्फ 20 फीसदी वसूली

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
कोरोना वायरस के चलते मजदूर, व्यापार और उद्योगों पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण के कारण नगर निगम के राजस्व भी पर भी बड़ा असर हुआ है। ग्वालियर नगर निगम इस कोरोना काल में आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। जिससे निगम के राजस्व में इस बार 50 फीसदी की गिरावट आई है। क्योंकि नगर निगम शहर के लोग से अलग-अलग टैक्स देते हैं। कोरोनाकाल में ग्वालियर नगर निगम को लगभग 15 करोड़ रुपये की वसूली करना बाकी है।
संपत्ति कर विभाग के उपायुक्त जगदीश अरोरा ने बताया कि मार्च के महीने से ही नगर निगम का खजाना आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। क्योंकि नगर निगम को जो राजस्व का पैसा मिलता हैं। वह नहीं मिल पाया है। इसका सबसे बड़ा कारण लॉकडाउन है साथ ही इस समय लोगों के काम धंधे ठप पड़े हुए हैं इसलिए वह भी देने में असमर्थ हैं। लेकिन अब जैसे-जैसे अनलॉक हो रहा है नगर निगम की आर्थिक स्थिति भी धीरे-धीरे ठीक हो रही है।
ग्वालियर नगर निगम के संपत्तिकर विभाग के उपायुक्त जगदीश अरोड़ा का कहना है ग्वालियर शहरवासियों को 1 अप्रैल से संपत्ति का टैक्स देना होता है और पिछले वर्ष की बात करें तो 1 अप्रैल से जून तक 15 करोड़ की वसूली हो जाती है लेकिन इस वर्ष लॉकडाउन के चलते अभी सिर्फ 4 करोड़ की वसूली हुई है।
वहीं राजस्व कलेक्शन करने वाले कर्मचारी हैं उनकी ड्यूटी जिला प्रशासन के कामों में लगी हुई है। जिसकी वजह से कलेक्शन सही समय पर नहीं हो पाया हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल नगर निगम 10 से 12 करोड़ रुपए पीछे चल रहे हैं।
राजस्व में आय के मुख्य स्रोत
वहीं नगर निगम के राजस्व शाखा के उपायुक्त सुनील चौहान का कहना है कि निगम के राजस्व में आय के मुख्य स्रोत है। वह पूरी तरह से अभी बंद पड़े हुए हैं। इस साल मार्च के महीने में बस स्टैंड पार्किंग के टेंडर होते हैं। जिनमें जो 25 के 30 लाख पैसा आता है वह नहीं मिल पाया है। वही निगम हर साल दुकान, ठेला, बस स्टैंड, बाजार वसूली के साथ-साथ अन्य करोड़ों रुपए का लेता है लेकिन इस बार लॉक डाउन के चलते सिर्फ 20 फ़ीसदी ही पैसा आ पाया है।

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