रक्षाबंधन और अंतिम सावन सोमवार पर बन रहा शुभ योग

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हिंदू पंचांग के अनुसार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन के दिन बहुत ही अच्छे ग्रह नक्षत्रों का योग बन रहा है।
भाई और बहन के पवित्र प्यार का पर्व रक्षाबंधन इस बार 3 अगस्त सोमवार को है। यह सावन का आखिरी सोमवार भी है। इसके साथ ही सावन की पूर्णिमा भी है। इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि और आयुष्मान दीर्घायु का योग भी बन रहा है जिसकी वजह से इस बार का रक्षाबंधन बेहद शुभ फलदायक रहने की उम्मीद है। इस संयोग में सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसके अलावा इस दिन आयुष्मान दीर्घायु योग है यानी भाई-बहन दोनों की आयु लंबी हो जाएगी। इसी दिन चंद्रमा का ही श्रवण नक्षत्र है। मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस मे समसप्तक योग बना रहे हैं। शनि और सूर्य दोनों आयु बढ़ाते हैं। ऐसा योग तीन दशक के बाद आया है।
शुभ मुहूर्त
3 अगस्त को भद्रा सुबह 9 बजकर 29 मिनट तक है। राखी का त्योहार सुबह 9 बजकर 30 मिनट से शुरू हो जाएगा। भद्रा के बाद ‘शुभ चौघड़िया’ में राखी बांधें।
दोपहर को एक बजकर 35 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 35 मिनट तक बहुत ही अच्छा समय है। इसके बाद शाम को 7 बजकर 30 मिनट से लेकर रात 9.30 के बीच में बहुत ही शुभ मुहूर्त है।
अच्छे ग्रह नक्षत्रों का योग बन रहा
राखी बांधते समय भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए। सर्वप्रथम बहन को अपनी अनामिका अंगुली से भाई के मस्तक पर रोली का तिलक लगाकर अक्षत लगाने चाहिए। अक्षत अखंड शुभता को प्रदर्शित करते हैं। इसके बाद भाई की कलाई पर राखी बांधते हुए उसके मंगल की कामना करनी चाहिए।

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