MP उपचुनाव से पहले बीजेपी में पलने लगा है असंतोष? ये है सिंधिया की एंट्री का साइड इफेक्ट!

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भोपाल: सरकार बनने के 100 दिन बाद कैबिनेट कोरम पूरा कर पाई शिवराज सरकार में 8 दिन बीत जाने के बाद भी विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है. विभाग बंटवारे में हो रही देरी की वजह सरकार और संगठन के अंदर मची खींचतान को माना जा रहा है. सूत्रों की मानें तो सिंधिया खेमे के मंत्री और बीजेपी के मंत्रियों के बीच विभागों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पा रही. यही वजह है कि सीएम शिवराज की दिल्ली दौड़ भी बेकार चली गई.
दिल्ली दौरे से वापस लौटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से जब इस बारे में सवाल किया गया था तो उनका कहना यह था कि अभी वह इस पर और वर्कआउट करेंगे. लेकिन बुधवार को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय पहुंचे सीएम शिवराज ने अपने बयान में कहा कि सारे विभाग मुख्यमंत्री में निहित होते हैं और मैं सारे विभाग का मंत्री हूं. सरकार सुचारू तरीके से चल रही है. आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में सब हो जाएगा. लेकिन न विभाग बंटे और न ही कैबिनेट की मीटिंग अब तक हुई. मंत्रिमंडल में विभागों के बंटवारे में हो रही देरी पर अब बीजेपी के अंदर ही सवाल उठने लगे हैं. आपको बता दें कि शिवराज मंत्रिमंडल का विस्तार 2 जुलाई को हुआ था, जिसमें 28 मंत्रियों ने शपथ ली थी. कैबिनेट में अब कुल 33 मंत्री शामिल हो गए हैं जिसमें से अभी केवल 5 के पास ही विभाग हैं.
अपने हो रहे नाराज
विभाग बंटवारे में हो रही देरी पर बीजेपी के अपने ही सवाल उठा रहे हैं. वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई ने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि पहले मंत्रियों की संख्या और अब विभागों का बंटवारा, कार्यकर्ता अपने नेताओं की अनदेखी से नाराज़ हो जाएगा. मुझे डर है कोई नुकसान ना हो जाए. उससे पहले मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर विश्नोई ने ट्वीट किया था कि लगता है अब बड़ा फैसला लेने का वक्त आ गया है. वहीं कैलाश विजयवर्गीय भी सांवेर विधानसभा की वर्चुअल रैली के दौरान ये कह चुके हैं कि राजनीति में कभी कभी कड़वे घूंट पीने पड़ते हैं. इससे पहले मंत्रिमंडल में जगह न मिलने की वजह से नाराज माने जा रहे पूर्व मंत्री रामपाल सिंह, गौरी शंकर बिसेन और संजय पाठक भी ये कह चुके हैं कि सिंधिया समर्थकों की वजह से उनका नाम कटा.
दिग्विजय ने साधा निशाना
विभागों में बंटवारे पर देरी को लेकर पूर्व सीएम दिग्विजय ने सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है कि बंटवारे को लेकर दिल्ली से भोपाल तक वर्क आउट चल रहा है. लेकिन असल में ये लूट के बंटवारे का झगड़ा है. परिवहन, एक्साइज़, राजस्व, शहरी विकास सिंधिया नहीं छोड़ना चाहते, क्यों समझ जाओगे.

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