पहले बेड की कमी थी, लेकिन अब बेड खाली हैं: सीएम केजरीवाल

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नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहला हथियार बेड की संख्या बढ़ाई गई। हमने देखा कि लोग एक अस्पताल से दूसरे और दूसरे अस्पताल से तीसरे अस्पताल में दौड़ रहे हैं। लोगों को बेड नहीं मिल रहे हैं। मेरे पास लोगों के रात-रात भर फोन आते थे और मैं रात-रात भर जाकर के लोगों को बेड का इंतजाम करता था। पिछले कुछ दिनों से लोगों के फोन आने बंद हो गए हैं।

पिछले 1 महीने में हमने दिल्ली के अंदर कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए बहुत बड़े स्तर पर बेड का इंतजाम किया है। हमने सबसे पहला निर्णय लिया कि दिल्ली के सभी बड़े अस्पतालों में कम से कम 40 प्रतिशत बेड कोरोना के मरीजों के लिए सुरक्षित कर दिए। दूसरा ने बड़ा निर्णय लिया कि दिल्ली के कुछ बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को पूरी तरह से कोविड-19 अस्पताल घोषित कर दिया गया। हमने तीसरा बड़ा निर्णय लिया कि हमने कई बड़े होटलों को अस्पतालों के साथ अटैच कर दिया। अस्पताल में 200 पेड़ हैं और होटल में 100 बेड और लगा दिए गए। इस तरह से अस्पताल के पास कुल 300 बेड हो गए। हमारे इस फैसले से कई होटल संचालक नाराज हुए और वह हाईकोर्ट भी चले गए। हमने कोर्ट में लड़ाई लड़ी और हम यह लड़ाई जीत भी गए। पिछले 1 महीने में हम लोगों ने होटलों के अंदर करीब 3500 बेड तैयार किए हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 2000 बेड और तैयार हो चुके हैं। कुल 10 हजार बेड बहुत जल्द तैयार हो जाएंगे। बुराड़ी अस्पताल में अभी निर्माण कार्य चल रहा है। उसमें अस्थाई तौर पर 450 बेड और तैयार कर रहे हैं। पिछले 1 सप्ताह में कोरोना के खिलाफ युद्ध में हमारा पहला हथियार यह था कि बेड की संख्या बहुत बड़े स्तर पर बढ़ा दी जाए। जून के पहले सप्ताह में दिल्ली के अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे। आज दिल्ली में कोरोना के करीब 13500 है, जिसमें से 7500 खाली पड़े हैं, केवल 6000 बेड ही भरे हैं। दिल्ली में अभी प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में कहीं पर भी पेड़ की कमी नहीं है, लेकिन हमें अभी हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना है। हम और भी बेड का इंतजाम कर रहे हैं।

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