राजधानी में मानसून की पहली झमाझम बारिश ;6 घंटे में 8.4 सेमी. बारिश, जून महीने का कोटा पूरा

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भोपाल। शहर में कल मानसून की पहली झमाझम बारिश हुई।बुधवार सुबह तक इस माह की कुल 7.6 सेमी.बरसात हुई थी। शाम 5:30 बजे से रात 11:30 बजे तक 8.4 सेमी बारिश होने से जून माह का कोटा (147.7 मिमी.) रात की छह घंटे की बारिश से पूरा (फुल 159.7 मिमी.) हो गया। शहर में छह घंटे में 8.4 सेमी.बारिश दर्ज की गई।

शहर में सुबह से बादल छाए हुए थे, लेकिन दोपहर बाद कुछ धूप निकलने से उमस हावी होने लगी थी। शाम करीब 6 बजे अचानक तेज हवा चलने के साथ काली घटाएं छा गई। इसके साथ ही झमाझम बरसात का दौर शुरू हो गया। बौछारें इतनी तेज थीं कि सड़क पर लोगों को वाहन चलाना मुश्किल हो गया। रात 8ः30 बजे तक 3 घंटे में 8.4 सेमी वर्षा रिकार्ड की गई। हल्की बरसात का सिलसिला देर रात तक जारी था। दिन भर उमस से बेहाल हुए लोगों को बुधवार शाम को बादल छाने से खासी राहत महसूस हुई। देखते ही देखते अधिकतम 42 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ आसमान काले बादलों से घिर गया। अंधेरा छाने के साथ ही तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। इस दौरान शहर में कुछ स्थानों पर विजिबिलिटी महज 200 मीटर रह गई थी। उधर आंधी की चपेट में आकर रोशनपुरा की गेंट्री सड़क पर आ गिरी। न्यूमार्र्केट में पोल गिरा और कई पेड़ उखड़ गए। बिजली गुल हो गई और निचले इलाकों में पानी भर गया। रुक-रुक कर बरसात का सिलसिला रात तक जारी रहा। मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में विदर्भ और आसपास एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। पूर्वी उप्र.और उसके आसपास भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है।शुक्ला के मुताबिक 19 जून को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने जा रहा है। उसके प्रभाव से 21 जून से मानसून की सक्रियता बढ़ेगी। इससे प्रदेश के कई क्षेत्रों में अच्छी बरसात होने की संभावना है। इसके अतिरिक्त पूर्वी राजस्थान से बांग्लादेश तक एक द्रोणिका लाइन(ट्रफ) बनी हुई है। जो दक्षिणी उप्र. से होकर जा रही है। इन तीन सिस्टम के कारण मप्र में बड़े पैमाने पर नमी आ रही है। इससे राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला बना हुआ है।

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