खंडग्रास सूर्यग्रहण 21 जून को,घर पर ही करे पूजा-पाठ

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ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री ने कहा – सूतक 20 जून रात 10 बजे से होगा शुरू
ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
रविवार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या को सूर्यग्रहण इंडिया में खंडग्रास के रूप में ही दृश्य होगा। यह ग्रहण गंड योग और मृगशिरा नक्षत्र में होगा। भारत में सूर्यग्रहण का आरम्भ प्रात: 10 बजकर 13 मिनट से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। भारत के अतिरिक्त यह खंडग्रास सूर्यग्रहण विदेश के कुछ क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। भारत वर्ष में ग्रहण का स्पर्श 10.13 मिनट प्रात:, ग्रहण का मध्य 11.56 एवं ग्रहण का मोक्ष दोपहर 1 बजकर 31 मिनट में होगा। इस मौके पर उन्होंने क्षेत्र की जनता से निवेदन किया है कि कोरोना संक्रमण काल और सूर्य ग्रहण को देखते हुए पूजा अर्चना घर-घर पर करने से ही फायदा है।
कंकणाकृति खंडग्रास सूर्यग्रहण 21 जून को घटित होगा। यह ग्वालियर -चंबल अंचल के साथ साथ देशभर में दिखाई देगा। इसके बाद 5 जुलाई को उप छायी चंद्रग्रहण फिर से घटित होगा। इससे पहले 5 जून को उप छाई चंद्रग्रहण घटित हुआ था। इस तरह एक माह में तीन ग्रहण घटित होंगे। इसके चलते प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यक्त रहेगा।
3 घंटे 31 मिनट का रहेगा ग्रहणकाल
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार कंकणाकृति सूर्यग्रहण 21 जून को होगा। इसका सूतक 20 जून रात्रि 10 बजे से प्रारंभ हो जाएगा। कंकणाकृति सूर्यग्रहण रविवार को भारतीय समय के अनुसार सुबह 10.11 बजे से दोपहर 1.40 बजे दिखाई देगा। देशभर में इस ग्रहण को सुबह 10.11 से दोपहर 1.40 बजे तक की समयावधि में ही देखा जा सकेगा। ग्रहणकाल 3 घंटे 31 मिनट का रहेगा। 21 जून को सुबह मंदिर के पट नहीं खुलेंगे। मंदिर के पट ग्रहण समाप्ति काल के बाद शाम को खोले जाएंगे।
इस साल कुल 5 ग्रहण
दूसरा उप छायी चंद्र ग्रहण 5 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष गुरु पूर्णिमा रविवार 5 जुलाई को दूसरा उप छायी चंद्र ग्रहण भारतीय समय से सुबह 8:37 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 11 बजे तक पड़ेगा। उप छायी चंद्र ग्रहण होने के कारण इसकी भी धार्मिक मान्यता नहीं होगी। इसलिए इसके लिए सूतक व अन्य नियम मान्य नहीं होंगे।
मंगल मीन राशि में स्थित होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह सूर्यग्रहण बेहद संवेदनशील है। मिथुन राशि में होने जा रहे इस ग्रहण के समय मंगल मीन राशि में स्थित होकर सूर्य, बुध, चंद्रमा और राहु को देखेंगे, जो कि अशुभ संकेत हैं। ग्रहण के समय ग्रह शनि, गुरु, शुक्र और बुध वक्री चाल चल रहे होंगे। गुरु नीच होकर सूर्य से अष्टक होंगे, ये स्थिति पूरे विश्व में उथल-पुथल मचाएगी। इसको लेकर विभिन्न ज्योतिषियों द्वारा कई तरह की भविष्यवाणियां की जा रही हैं।
इस तरह राशियों पर रहेगा असर
मेष: श्रीवृद्धि, धन लाभ। वृषभ: आर्थिक क्षति, बिगड़े काम बनेंगे। मिथुन:दाम्पत्य सुख में कमी। कर्क: धन हानि, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें।सिंह: आर्थिक लाभ। कन्या: सुख-सम्पति मिलेगी। तुला: आय में वृद्धि, व्यय भी होगा। वृश्चिक: अपनों से मन-मुटाव। धनु: पारिवारिक कलह से बचें। मकर: प्रसन्नता व व्यय बढ़ेगा। कुंभ: भाइयों से विवाद। मीन: वाहन सावधानी से चलाएं।

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