राहुल गांधी की मांग, लोगों को कर्ज की जरूरत नहीं है, बल्कि पैसे की जरूरत

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नई दिल्ली। कोरोना के चलते देश में 65 दिनों से लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन की सीधी मार प्रवासी मजदूरों, गरीबों, कामगारों और जरूरतमंदों पर पड़ी है।इसके बाद कांग्रेस की ओर से #स्पीक इंडिया नाम से ऑनलाइन कैंपेन चलाया जा रहा है। इसके तहत हर नेता सोशल मीडिया पर अपनी मांगें रख रहा है। पहले सोनिया गांधी ने मोदी सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं।अब राहुल गांधी ने कहा कि आज हिंदुस्तान के लोगों को कर्ज की जरूरत नहीं है, बल्कि पैसे की जरूरत है। इसकारण सरकार अगले 6 महीने तक गरीबों की आर्थिक मदद करे।
राहुल गांधी ने वीडियो संदेश में कहा,कोविड-19 के कारण देश में आज एक तूफान आया है, गरीब जनता को चोट लगी है। मजदूरों को भूखा-प्यासा सड़कों पर चलना पड़ रहा है। छोटे कारोबार अर्थ व्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं, जो बंद हो रहे हैं।इसकारण आज हिंदुस्तान के लोगों को कर्ज की जरूरत नहीं है, बल्कि पैसे की जरूरत है।
राहुल ने कहा,हमारी सरकार से चार मांगे हैं। पहली मांग यह है कि हर गरीब परिवार के खाते में छह महीनों के लिए 7500 रुपये प्रति माह डाल दे। मनरेगा को 200 दिन के लिए चलाया जाए। एमएसएमई के लिए तत्काल एक पैकेज दिया जाए। मजदूरों को वापस भेजने के लिए तत्काल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

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