जौरा सीट पर टिकिट को लेकर भाजपा दावेदारों की सक्रियता बढ़ी,सूबेदार रजौधा, गजराज सिंह प्रमुख दावेदार

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जौरा। जैसे-जैसे 21 जून का समय पास आता रहा है वैसे ही जौरा विधानसभा पर भाजपा में दावेदारों की सक्रियता बढती जा रही है। जौरा सीट पर कहने को तो टिकिट मांगने वाले दर्जन भर दावेदार है लेकिन जन चर्चाओं एवं क्षेत्र में सक्रियता व कार्य कराने को लेकर पूर्व विधायक सूबेदार सिंह रजौधा एवं गजराज सिंह प्रमुख दावेदार नजर आ रहे हैं।
2018 के चुनावों में जौरा सीट पर कांग्रेस के बनवारीलाल जापथाप लगभग 18 हजार मतों से विजयी रहे थे। बसपा के मनीराम धाकड दूसरे एवं भाजपा के सूबेदार सिंह रजौधा तीसरे स्थान पर रहे। लगभग पांच माह पूर्व जापथाप का बीमारी के चलते निधन से रिक्त जौरा सीट पर नियमानुसार 6 माह में उपचुनाव होना है। लिहाजा सत्ताधारी भाजपा में दावेदारों की सक्रियता बढती जा रही है। पूर्व विधायक रजौधा पूरी ताकत के साथ टिकिट मांग रहे हैं पिछडा चुनाव भले ही 18 हजार से हारे लेकिन उनके पक्ष यह सर्व विदित है कि वह लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहते है। भाजपा की जन कल्याणकारी नीतियों का पात्रों को लाभ भी दिलाते है। क्षेत्र में उनके पास कार्यकर्ताओं की टीम भी है। जनहितेषी मुद्दों को लेकर रजौधा की सक्रियता की जन चर्चाएं है। चर्चाएं यह भी है कि अगर पार्टी हाईकमान ने उन पर पुन: विश्वाास किया तो निश्चित रूप से दमदार प्रत्याशी साबित हो सकते हैं। दूसरे दावेदार के रूप में वरिष्ठ भाजपाई दो बार सुमावली से विधायक पूर्व जिलाध्यक्ष गजराज सिंह का नाम भी चर्चाओं में है। भाजपा हाईकमान में परिचय के मोहताज नहीं है। गजराज सिंह सुमावली विधायक रहते हुए व जिलाध्यक्ष के कार्यकाल में सिंह बराबर जौरा क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। उनकी सक्रियता वर्तमान में भी जारी है। हालांकि सिंह का पेतृक गांव तोर तिलावली जौरा विधानसभा का ही है। जौरा, कैलारस नगरीय क्षेत्र के व्यापारी मतदाताओं में भी गजराज सिंह की खासी पकड है। रजौधा एवं सिंह के अलावा टिकिट के दावेदारों में जिले के पूर्व सांसद अनूप मिश्रा, सिंधिया के सहयोग से ब्राह्मण बाहुल्य सीट होने से टिकिट के लिए प्रयासरत है। जनचर्चाओं पर अगर यकीन करें तो मिश्रा की स्थिति बेहद कमजोर रहेगी। क्यों कि एक तो वह यहां सक्रिय नहीं है दूसरे पांच वर्ष के सांसदी कार्यकाल में आमजनों से दूर रहे। लोगों के फोन भी नहीं उठाने की शिकायते थी। जौरा सीट पर डगर उनके लिए कठिन ही नहीं नामुमकिन नजर आती है। एक अन्य दावेदार पूर्व जिलाध्यक्ष अनूप भदौरिया सहित नागेन्द्र तिवारी भी टिकिट की दौड में है जब कि कांग्रेस छोडकर सिंधिया के संग भाजपा में गए बनवारीलाल जापथाप के पुत्र प्रदीप जापथाप भतीजे, नागेश जापथाप व सिंधिया समर्थक कैलाश मित्तल भी सिंधिया की तरफ टिकिट के लिए आंखे लगाए बैठे है। जन चर्चाएं यह भी है कि कांग्रेस छोडकर सिंधिया के साथ गए मनोजपाल यादव भी किसी एंगल से जौरा पर निगाहे लगाए हुए है जब कि सेवा निवृत डीएसपी केडी सोनकिया भी भाजपा नेताओं से सम्पर्क बनाते हुए है। कुल मिलाकर रजौधा को नरेन्द्र सिंह तोमर, शिवराज सिंह नजदीकी का फायदा मिल सकता है।
रजौधा भोपाल से लौटे है
टिकिट के लिए सक्रिय सूबेदार सिंह रजौधा के दो तीन दिनों पूर्व भोपाल में होने की खबरें थी। एक चेनल पर प्रकाशित खबर में रजौधा के भोपाल में होने तथा प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा सहित वरिष्ठ नेताओं से टिकिट के लिए मिलने की खबरे सुनी गई है।

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