टिड्डियों के झुण्ड की ग्वालियर पहुंचने की संभावना, जिले में टिड्डी दल के मूवमेंट से किसान सतर्क रहें

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहे राजस्थान के लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है इस बार जून जुलाई में सीमा पार से टिड्डियों का भीषण हमला होने के हालात बन रहे है। जोधपुर से भरतपुर, धौलपुर से होते हुए मुरैना ग्वालियर की बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पाकिस्तान के एक तिहाई से अधिक हिस्से में टिड्डियां अंडे दे चुकी है। अगले महीने के अंतक तक पूर्वी अफ्रीका से करोड़ों की तादाद में टिड्डियों के झुण्ड भारत की ओर आयेंगे। संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि एजेंसी ने भी इस बारे में चेतावनी जारी की हैं।
राजस्थान के किसानों ने पिछले वर्ष टिड्डियों की वजह से भारी नुकसान उठाना पड़ा था। लेकिन उन्होंने सरकारी और स्वयं के संसाधनों को साथ मिलाकर इसका मुकाबला किया और इससे निजात पा ली। लेकिन विशेषज्ञ इस बार बहुत व्यापक पैमाने पर टिड्डी हमले की आशंका जता रहे हैं। टिड्डियों के छोटे समूहों के हमले एक महीने स ेचल रहे और यहां चलने वाली आंधियों से यहां से अधिक आगे तक पहुंच चुकी है।
जिले के घाटीगांव, डबरा तथा भितरवार विकासखण्डों के ग्रामों में शुक्रवार एवं शनिवार को टिड्डी दल का मूवमेंट देखने को मिला है। इन टिड्डी दलों के प्रभावी नियंत्रण हेतु जिला स्तरीय अनुविभागीय तथा ग्राम स्तरीय दलों का गठन कर आवश्यक संसाधन तथा कीटनाशक औषधियां, फायरब्रिगेड, ट्रेक्टर चलित स्प्रे पम्पों आदि की व्यवस्था की गई है, जिससे टिड्डी दल की सूचना मिलने पर प्रभावित क्षेत्र में भेजा जा सके। कृषकों को टिड्डी दलों के मूवमेंट के दौरान फसलों एवं वृक्षों को नष्ट होने से बचाने हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा परंपरागत ढोल, डीजे, थाली बजाकर एवं पटाखे चलाकर तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों की ध्वनि करने की सलाह दी गई है।
कृषक बंधुओं को सलाह है कि टिड्डी दल पर रसायनिक नियंत्रण हेतु क्लोरोपायरीफॉस 20 प्रतिशत ई.सी. मात्रा 1200 मिली, 500 लीटर पानी का घोल, क्लोरोपायरीफॉस 50 प्रतिशत ई.सी. मात्रा 50 मिली., 500 लीटर पानी में लेमडासायलोथिन 5 प्रतिशत ई.सी. मात्रा 400 मि.ली., 500 लीटर पानी में मेलाथियॉन 50 प्रतिशत ई.सी. मात्रा 1800 मि.ली., 500 लीटर पानी में एवं डेल्टामेथेन 2.8 प्रतिशत मात्रा 500 मि.ली., 500 लीटर पानी का घोल बनाकर टिड्डी दल पर छिडकाव कर नियंत्रण पाया जा सकता है। टिड्डी दल प्राय: प्रात: 7 से शाम 8 बजे तक मूमेंट करता है। समूल रूप से पत्तों को खाकर नष्ट कर देता है।
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उपसंचालक डॉ. आनंद बड़ोनिया ने बताया कि शुक्रवार को जिले के घाटीगांव विकासखण्ड के ग्राम दौरार, पाटई, डगोरा, डबरा विकासखण्ड के ग्राम नुन्हारी, भैंसनारी, सिमिरिया, झाडोली, देवरा, खेडीरायमल, सर्वा, समचोली, भितरवार विकासखण्ड के ग्राम ईटमा, भानगढ़, नीवी में जबकि शनिवार को घाटीगांव के ग्राम दौरार, करही, पाटई में भितरवार के ग्राम रही, श्यामपुर, जौरा, पलायछा, सहारन और सांखनी में देखा गया, जिसका मूवमेंट शिवपुरी जिले के नरवर एवं करैरा विकासखण्ड तथा दतिया जिले की ओर हुआ है।

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