उपचुनाव में दर्जनभर सीटों पर होगा त्रिकोणीय मुकाबला ;8 सीटों पर बसपा बिगाड़ेगी जीत का गणित

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भोपाल। प्रदेश में 24 सीटों पर होने वाले उपचुनाव में बसपा ने सभी सीटों पर चुनाव लडऩे की घोषणा कर मुकाबले को रोचक बना दिया है। वैसे तो मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच होगा, लेकिन बसपा चुनावी गणित बिगाड़ेगी। 2018 के विधानसभा चुनाव के आंकड़ों को देखे तो उपचुनाव में बसपा 8 सीटों पर जीत-हार में प्रभावी भूमिका निभाएगी।
गौरतलब है कि जिन 24 सीटों पर उपचुनाव होना है 2018 में उनमें से 23 पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते थे। इन 23 सीटों में से 8 पर जीत-हार के अंतर से अधिक बसपा को वोट मिले थे। यानि इन सीटों पर भाजपा की हार बसपा के कारण हुई थी। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि इन सीटों पर उपचुनाव में बसपा जीत का गणित बिगाड़ सकती है।
इन सीटों पर जीत के अंतर से अधिक पाया वोट
2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने जिन सीटों पर जीत के अंतर से अधिक वोट पाया था वे हैं जौरा, सुमावली, मुरैना, अंबाह, करैरा, पोहरी, मुंगावली, सुवासरा। इन्हीं सीटों पर अपने प्रभाव के कारण बसपा ने उपचुनाव में ताल ठोकने की घोषणा की।
6 सीटों पर अधिक प्रभाव
अगर पूर्व के चुनाव परिणामों को देखें तो बसपा का 6 सीटों पर अधिक प्रभाव है। ये सीटें हैं जौरा, सुमावली, मुरैना, अंबाह, करैरा और पोहरी । इनमें से 2018 के चुनाव में बसपा जौरा और पोहरी में दूसरे स्थान पर रहीं।
2018 में बसपा ने जीती थीं 2 सीटें
दरअसल वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने दो सीटें जीती थी। दमोह के पथरिया सीट पर पार्टी की उम्मीदवार राम बाई ने जीत हासिल की थी। हालांकि बाद में पार्टी विरोधी बयानबाजी के चलते उन्हें निलंबित करने की कार्रवाई की गई। वहीं भिंड से संजीव सिंह कुशवाहा जीत हासिल कर विधायक बने गए थे। बसपा ने 2018 के चुनाव के बाद कांग्रेस को बाहर से समर्थन देकर राज्य में कमलनाथ सरकार बनवाने में मदद की थी। इसके अलावा कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने पर हुए उपचुनाव में बसपा में अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा करने का फैसला किया था। लेकिन अब बदले सियासी घटनाक्रम के बीच बसपा ने सभी 24 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करने की तैयारी कर ली है।
किसको नफा, किसको होगा नुकसान
बसपा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था। पार्टी ने भले ही 2 सीटों पर जीत हासिल की हो। लेकिन कई सीटों पर वो दूसरे या तीसरे नंबर पर रही थी। इसके अलावा बसपा ने कई सीटों पर भाजपा और कांग्रेस का सियासी गणित बिगाडऩे का भी काम किया था।
ग्वालियर चंबल में है ज्यादा प्रभाव
राज्य के ग्वालियर चंबल इलाके में बसपा का खासा दबदबा है। पार्टी यहां कई बार विधानसभा चुनावों में प्रदेश की दोनों मुख्य पार्टियों- भाजपा और कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित हो चुकी है। ऐसे में अब होने वाले उपचुनाव में ग्वालियर चंबल की 16 सीटों पर बसपा का बड़ा रोल होगा। वहीं राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बसपा यदि सभी 24 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारती है तो इसका नुकसान कांग्रेस को ज्यादा हो सकता है। बसपा के उपचुनाव में उतरने के ऐलान के बाद प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि बसपा का चुनाव लडऩे का फैसला, उनकी पार्टी का फैसला है। लेकिन यदि बसपा चुनाव मैदान में उतरती है तो सबको पता है कि हाथी की चाल में कौन रौंदा जाएगा।

24 सीटों पर बसपा की स्थिति (2018 में)
विधानसभा सीट जीत का अंतर बसपा
जौरा 15173 41,014(दूसरे स्थान पर )
आगर 2490 1978(पांचवा स्थान)
ग्वालियर 21044 4596 (तीसरा स्थान)
डबरा 57446 13155 (तीसरा स्थान)
बमौरी 27920 13155 (चौथा स्थान)
सुर्खी 21418 चुनाव नहीं लड़ा
सांची 10813 1029 (पांचवा स्थान)
सांवेर 2945 2844 (तीसरा स्थान)
सुमावली 9313 31331 (तीसरा स्थान)
मुरैना 20849 21149 (तीसरा स्थान)
दिमनी 18447 14456 (तीसरा स्थान)
अंबाह 7547 22179 ( चौथा स्थान)
मेहगांव 25814 7597 (चौथा स्थान)
गौहद 23989 15438 (तीसरा स्थान)
ग्वालियर पूर्व 17819 5446 (तीसरा स्थान)
भांडेर 39896 2642 (तीसरा स्थान)
करैरा 14824 40026 (तीसरा स्थान)
पोहरी 7918 52736 (दूसरा स्थान)
अशोकनगर 9730 9559 (तीसरा स्थान)
मुंगावली 2136 14202 (तीसरा स्थान)
अनुपपूर 11561 चुनाव नहीं लड़ा
हाटपिपल्या 13519 2347 (तीसरा स्थान)
बदनावर 41506 2099 (छठवां स्थान)
सुवासरा 350 1688 (छठवां स्थान)

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