44.4 डिग्री @ कोरोना संकट के बीच ग्वालियर में भीषण गर्मी;रिकॉर्ड किया गया साल का सबसे अधिक तापमान

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज

 मध्य प्रदेश सरकार की नई गाइडलाइन के बाद ग्वालियर जिला प्रशासन ने जरूरी कार्य के लिए लोगों को कुछ छूट दी है, लेकिन इसके बाद भी ग्वालियर अंचल में लोग घरों के अंदर कैद हैं। इसका सबसे बड़ा कारण अंचल में लगातार 1 सप्ताह से पड़ रही भीषण गर्मी है ।इस समय ग्वालियर अंचल में गर्मी कड़े तेवर दिखा रही है। अंचल में आज का तापमान 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जो इस साल का सबसे अधिकतम तापमान है।

छतों पर रखी  टंकियों का पानी भी उबाल मारने लगा है। दिन के समय  लॉक  डाउन में  भले ही ढील मिली है लेकिन बढ़ती गर्मी के कारण दोपहर के समय लॉक डाउन नजारा फिर नजर आने लगा है। पशु पक्षी भी भीषण गर्मी  से बचने के लिए छायादार स्थान पर आराम करते नजर आ रहे हैं। छतों पर  लगे पंखे भी गर्म हवा दे रहे हैं इस समय सिर्फ एसी और कूलर में ही लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है मौसम का मिजाज देखते हुए फिलहाल गर्मी से राहत के आसार नहीं है वही नौतपा भी 25 मई से शुरू होने जा रहे हैं! नौतपा से पहले ही पड़ रही भीषण गर्मी के कारण लोगों का हाल बेहाल होने लगा है।

मौसम वैज्ञानिक की मानें तो, अंचल में आने वाला एक सप्ताह तक तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। आज ग्वालियर में पड़ रही भीषण गर्मी के चलते जिला प्रशासन ने लॉकडाउन में जरूरी कार्य के लिए लोगों को बाहर निकलने की राहत दी थी। उसका असर शहर में देखने को नहीं मिल रहा है। क्योंकि गर्मी की वजह से लोग घरों के अंदर कैद हैं, लोग जरूरी कार्य के लिए सिर्फ सुबह और शाम के वक्त ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।

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सात दिन खूब तपने के बाद 2 दिन मिलेगी राहत

नौतपा पर ग्रह नक्षत्र का प्रभाव रहता है। मौसम वैज्ञानिक और ज्योतिषविद का कहना है कि रोहणी नक्षत्र में सूर्य के रहते 9 दिनो तक गर्मी पड़ती है। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्रमा है, जो सूर्य के प्रभाव में आ जाता है। गुरु और शनि की वक्री चाल के चलते नौतपा इस पर खूब तपेगा लेकिन शुरुआती 7 दिनों में पारा चढऩे से लोगों को तेज गर्मी का एहसास होगा। 30 मई को शुक्र के अपनी ही राशि वृषभ में अस्त होने के कारण गर्मी में कमी आ जाएगी। नौतपा के आखिरी दो दिनों में तेज हवा और आंधी चलने या बारिश होने के भी आसार नजर आ रहे हैं।

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क्या है नौतपा :

सूर्य घूमते हुए मध्य भारत के ऊपर आ जाता है और जब यह कर्क रेखा के पास पहुंच जाता है तब 90 डिग्री की पोजीशन में होता है जिससे किरणें सीधी पृथ्वी पर पड़ती है। इसी कारण तापमान बढ़ जाता है। हालांकि मई के दिनों में दिन बड़े होते हैं और रेडिएशन भी ज्यादा होता है। यही वजह है कि पृथ्वी इन दोनों भट्टी की तरह तपती है। पृथ्वी के तपने के कारण ही नौतपा में लोगों को भीषण गर्मी का एहसास होता है।

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आपने कहा :

”प्रदेश भर में अभी मौसम पूरी तरह से शुष्क है यानी किसी भी जिले में ना तो बारिश के आसार हैं और ना ही तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी की आशंका है। हालांकि एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस 22 मई से बन रहा है लेकिन इसका असर मध्यप्रदेश में नहीं होगा। प्रदेश भर में तापमान में इजाफा होगा। नौतपा के पहले बूंदाबांदी और बारिश होने के आसार नहीं है। 10 से 17 मई के बीच जिलों में होने वाली तेज हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी और बारिश प्री मॉनसून एक्टिविटी ही है। मानसून के सक्रिय होने से पहले इस तरह की प्री मॉनसून एक्टिविटीज देखी जाती है।”

-अजय शुक्ला ,मौसम वैज्ञानिक

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