बाजार को पसंद नहीं आए RBI के उपाए, बाजार 260 अंक टूटकर बद

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मुंबई। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों में गिरावट से शुक्रवार को सेंसेक्स 260 अंक टूट गया। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए ब्याज दरों में कटौती और कुछ अन्य उपायों की घोषणा की, लेकिन इसके बाद भी बाजार में लाल निशाना पर बंद हुआ। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में एक समय 450 अंक तक नीचे चला गया था। हालांकि, बाद में इसमें कुछ सुधार हुआ। अंत में सेंसेक्स 260.31 अंक के नुकसान से 30,672.59 अंक पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी 67 अंक के नुकसान से 9,039.25 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर सबसे अधिक पांच प्रतिशत से ज्यादा नीचे गिरा। एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे। वहीं दूसरी ओर महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंफोसिस, एशियन पेंट्स, अल्ट्राटेक सीमेंट और टेक महिंद्रा के शेयर लाभ में रहे।इसके पहले शुक्रवार को दिन में केंद्रीय बैंक ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो में अचानक 0.40 प्रतिशत की कटौती कर इस चार प्रतिशत कर दिया। इसी तरह रिवर्स रेपो दर को भी 3.75 से घटाकर 3.35 प्रतिशत पर ला दिया गया है। अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए रिजर्व बैंक प्रमुख ब्याज दरों को वर्ष 2000 के बाद से सबसे निचले स्तर पर ले आया है। केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही ऋण किस्त के भुगतान पर छूट को तीन महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया है। बाजार जानकार ने कहा,हालांकि रिजर्व बैंक ने ऋण के पुनर्गठन के मोर्चे पर किसी तरह की राहत नहीं दी है। इससे शेयर बाजार निराश हुआ। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रतिकूल प्रभाव के अलावा अमेरिका-चीन संबंधों में बढ़ती खटास से भी अनिश्चितता बढ़ रही हैं,इसकारण शेयर बाजारों में अभी उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका है।
वहीं अन्य एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी नुकसान में रहे। शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 4.38 प्रतिशत के नुकसान से 34.48 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया 34 पैसे टूटकर 75.95 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

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