संकट मोचन नाम तिहारो…हनुमान जयंती 8 को , घर-घर होगा पूजन

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
हनुमान जी भगवान शंकर के ११वें रूद्र अंशावतार हैं। कलियुग में हनुमानजी को शक्तिशाली देवता माना जाता है। रामचरित मानस में रामभक्त हनुमान का जो चरित्र स्वामी की भक्ति में निरत रहने वाले कपीश्वर अपने स्वामी के संकटों में जितने सहायक हुए, उतने वे अपने भक्तों के कष्टों को दूर करने में सदैव तत्पर रहते हैं। इसलिए कहा गया है- संकट मोचन नाम तिहारो। आज देश वास्तव में कोरोना संकट से जूझ रहा है। ऐसे में हनुमान जयंती पर हनुमान भक्त उनसे यही प्रार्थना करेंगे कि हे प्रभु देश में आए इस संक्रमण से हम सबको मुक्ति दिलाएं।
चैत्र शुक्ल पूर्णिमा आज
अप्रैल बुधवार को अंजनी पुत्र, केसरी नंदन, श्रीराम के अनन्य भक्त हनुमान जी का जन्मोत्सव समूचे महानगर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति और श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाएगा। देश भर में कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के हालात में इस बार मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर नहीं आएगी। लोग घरों में ही हनुमानजी का पूजन पाठ करेंगे।
पूर्णिमा तिथि पर पूजन मुहूर्त
हनुमान जयंती पूर्णिमा तिथि पर ही मनाई जाती है। भागवताचार्य और ज्योतिषाचार्य पं. सुरेश शास्त्री के अनुसार चैत्र पूर्णिमा तिथि का प्रारंभ ७ अप्रैल को दोपहर १२.०१ बजे हो रहा है जिसका समापन ८ अप्रैल बुधवार को संबह ८.०४ मिनट पर होगा। पूर्णिमा पर सूर्योदय व्यापनी मुहूर्त बुधवार को ही प्राप्त हो रहा है इसलिए बुधवार को सुबह ८ बजे तक पूजा कर लेनी चाहिए। ८.०४ बजे के बाद बैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा प्रारंभ हो जाएगी। ८ अप्रैल को सुबह ६.०३ मिनट ६.०७ बजे तक के बीच सर्वार्थसिद्धि योग रहेगा। इस बीच हनुमान जी की पूजा श्रेष्ठ और फलदायी मानी गई है।
मंदिरों में नहीं उमड़ेगी आस्था
कोराना वायरस के कारण यह पहला मौका है कि शहर के सभी मंदिरों के पट लॉकडाउन के कारण बंद है। हनुमान जयंती पर यह पहला मौका होगा जब भक्तों का सैलाब मंदिरों में दिखाई नहीं देगा। भक्तजन हनुमान मंदिरों में दूर से ही दर्शन कर सकेंगे। जबकि मंदिर के पुजारी मंदिर में ही रहकर हवन, पूजन और आरती कर सकेंगे। हनुमान जयंती पर गली मोहल्ले के छेटे मंदिरों से लेकर शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में भंडारे की धूम रहती थी, वह इस बार दिखाई नहीं देगी। लोग घरों पर ही विधि विधान के साथ पूजन पाठ करेंगे।

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