जिसने अपनी डोरी परमात्मा को सौंप दी उसका जीवन सार्थक है : मुनिश्री

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
ग्वालियर-मनुष्य को अपने आचरण पर ज्यादा जोर देना चाहिए। यह जीवन छोटा बहुत है पर है महत्वपूर्ण। चार दिन की जिन्दगी में चार बातें चाहिए। यदि ये चार बातें जीवन में जीवंतता प्राप्त कर लें तो चतुर्गति के चक्कर से छुटकारा मिल जाएं, चारों पुरुषार्थ सफल हो जाए। उन चार बातों में पहली बात है ‘श्रृद्धा’ यदि श्रद्धा है तो पूजा भक्ति, तप, साधना, व्रत, उपवास आदि सार्थक है। श्रद्धा धर्म का प्राण है। दूसरी बात है परमात्मा के द्वारा कही वाणी पर मन और चिंतन करना। उसका स्वाध्याय करना। तीसरी बात है गुरु की भक्ति अर्थात् अपने जीवन रूपी गाडी के ड्राईवर को समपर्ण। यह बात राष्ट्रसंत मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज की साधना अनुष्ठान में आज रविवार को तानसेन नगर स्थित न्यू कालोनी में व्यक्त किये! मुनिश्री विजयेश सागर महाराज भी मोजूद थे!
मुनिश्री ने कहाकि समर्पण भी हो तो गीली मिट्टी की तरह हो जिसको हाथ में लगने पर भी कितनी भी दूर फेकों फिर भी वह हाथ से ना छूटे। इसी प्रकार गुरु-शिष्य को कितना भी दूर करें तब भी शिष्य गुरु को ना छोड़े। अंतिम चौथी बात है आचरण की शुद्धि। यदि आचरण शुद्ध है तो जीवन में, समाज में, देश में उन्नति है। भगवान किसी को दु:ख-सुख नहीं देता बल्कि परमात्मा जिस मार्ग पर चला, उनसे प्रेरणा पाकर, उस पथ पर चलकर हम सुखी हो सकते हैं और पंथ से विचलित होकर दु:ख। जिसने अपनी डोरी परमात्मा को सौंप दी तो उसका जीवन सार्थक है, चाहे शरीर टूटे पर श्रद्वा ना टूटे।
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जो साथ जाना नही उसके पीछे भाग रहा आदमी
मुनिश्री ने कहा कि आदमी सारी जिंदगी चार चीजों के पीछे भागता है, सत्ता, संपत्ति, सौंदर्य और स्वास्थ्य। यह चारों चीजें सांसारिक है तथा खत्म होने के बाद भी पुनः प्राप्त की जा सकती है। इनके पीछे भागने की बजाये उसके पीछे भागे जो चीज साथ जाने की है। समय का सदउपयोग करके धर्म मार्ग पर जाकर फल प्राप्त करने का प्रत्यन करें ताकि जीवन सुखी हो सके।
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भगवान जिनेंद्र का जल अभिषेक कर मंत्रो से हवन में आहुतिया दी!
जैन समाज के प्रवक्ता सचिन जैन ने बताया कि मुनिश्री विहर्ष सागर महाराज 25 से 2 अप्रेल तक साधन, अखण्ड मौन, उपवास एवं अनुष्ठान तपस्या चल रही रहे है! इसी दौरान आज मुनिश्री विहर्ष सागरजी ने मंत्रो का उच्चारण कर भगवन शांतिनाथ का अजय जैन व विजय जैन ने अभिषेक ओर शांतिधारा कर हवन कुंड में विश्व मे कोरोना वायरस से बचाने के लिए मंत्रो का उच्चारण कर आहुतिया दी!मुनिश्री ने आज उपवास के साथ 2 घंटे का मौन खोलकर अनुष्ठान किया! पूरे दिन एक कमरे में बंद होकर साधन ओर जाप्य कर रहे है!

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