सिर्फ मुख्यमंत्री भरोसे मध्यप्रदेश;मंत्री, स्पीकर, डिप्टी स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष कोई नहीं

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– निगम-मंडल खाली, आयोगों में नहीं हैं पदाधिकारी
भोपाल । प्रदेश में हाल ही में उपजे राजनीतक संकट के बाद मुख्यमंत्री और राज्यपाल को छोड़कर सभी संवैधानिक पद खाली हैं। शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री बनने के बाद विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति और उपाध्यक्ष हिना कांवरे के इस्तीफा देने के बाद से दोनों संवैधानिक पद खाली हो गए हैं। अभी तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक भी मंत्री नहीं बनाया है। साथ ही निगम, मंडल एवं आयोगों की सभी नियुक्तियां निरस्त कर दी हैं। ऐसे में प्रदेश में सिर्फ मुख्यमंत्री ही हैं।
प्रदेश कोरोना संकट से जूझ रहा है। 20 मार्च से 14 अप्रैल तक देश पूरी तरह से लॉकडाउन है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, शिवपुरी एवं ग्वालियर में कफ्र्यू लगा हुआ है। ऐसे में प्रदेश की करीब साढ़े सात करोड़ जनता घरों में बंद हैं। प्रशासन सड़क पर है और कोरोना से निपटने में लगा हुआ है। ऐसे हालात में अकेले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही प्रशासन की कमान संभाले हुए हैं। मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद से वे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए मैदानी अफसरों को दिशा-निर्देश जारी कर रहे हैं। संकट के दौर में न मंत्री उनके साथ हैं और न हीं संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं।
भाजपा संगठन भी मदद को उतरेगा
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रदेश के लोगों से कोरोना संकट से निपटने के लिए एहतिहात बरतने की अपील की है। साथ ही उन्होंने पार्टी नेता एवं कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे जरूरत पडऩे पर लोगों की मदद करें। हालांकि उनकी ओर से कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि किसी भी स्थिति नहीं बिगडऩे चाहिए। वे खुद घरों में रहे और लोगों को भी घरो में रहने के लिए कहें। भाजपा सांसद और विधायक को भी सहयोग करने को कहा गया है।

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