Olympic 2020: कोरोना वायरस की वजह से टोक्यो ओलंपिक टला, एक साल बाद होगा आयोजन

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कोरोना वायरस की वजह से जुलाई-अगस्त में होने वाले टोक्यो ओलंपिक को एक साल के लिए टाल दिया गया है. जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने टोक्यो ओलंपिक टालने का एलान किया. आबे ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) अध्यक्ष थामस बाक के साथ बातचीत में टोक्यो ओलंपिक खेलों को एक साल के लिये स्थगित करने की पेशकश करेंगे. अमेरिका, कनाडा के ओलंपिक खेलों के लिए खिलाड़ी ना भेजने के फैसले के बाद ही इन्हें एक साल के लिए टालने का दबाव बन रहा था.
जापान के प्रधानमंत्री ने बताया है कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से खेलों को एक साल के लिए टालने की अपील की थी. जिस पर आईओसी सहमत हो गया और खेलों को एक साल के लिए टालने का फैसला किया गया.आबे ने आईओसी अध्यक्ष थामस बाक से बात करने के बाद कहा, ‘‘मैंने खेलों को एक साल के लिये स्थगित करने की पेशकश की और अध्यक्ष बाक ने इस पर शत प्रतिशत सहमति जताई.”
कनाडा और अमेरिका ने खिलाड़ी भेजने से इंकार किया
कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए कनाडा ने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर ओलंपिक खेलों का आयोजन इस साल होता है तो वह अपने खिलाड़ी नहीं भेजेगा. रविवार को कनाडा ने ओलंपिक समिति को कड़ा संदेश दिया था. कनाडा को देखते हुए अमेरिका ने भी 2020 में टोक्यो ओलंपिक का आयोजन होने पर अपने खिलाड़ी भेजने से इंकार कर दिया था.
न्यूजीलैंड, जर्मनी, इंग्लैंड ने भी की थी खेलों को टालने की मांग
कनाडा और अमेरिका के फैसले के बाद न्यूजीलैंड, जर्मनी, इंग्लैंड भी खेलों को टालने के लिए ओलंपिक समिति पर दबाव बना रहे थे. सभी देशों का मानना था कि ओलंपिक के दौरान खिलाड़ियों को कोरोना वायरस होने का खतरा काफी ज्यादा रहेगा. इसी के मद्देनज़र इन सभी देशों ने ओलंपिक खेलों को एक साल के लिए टालने की मांग की थी.
भारत के खिलाड़ी भी थे खिलाफ
भारतीय एथलिस्ट्स पर ओलंपिक खेलों को टालने की मांग कर रहे थे. भारत के नंबर 1 रेसलर बजरंग पुनिया ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर जिंदा रहेंगे तो कभी ना कभी तो ओलंपिक खेलने का मौका मिल ही जाएगा. इससे साफ था कि खिलाड़ी ओलंपिक में हिस्सा लेने को लेकर काफी डरे हुए थे. इसके अलावा प्रैक्टिस सेशन रद्द होने की वजह से खिलाड़ियों को खेलों के लिए तैयारी करने का मौका भी नहीं मिल रहा था.

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