नवरात्रि/ 25से शुरू होगा शक्ति की साधना का पर्व;नवसंवत्सर के राजा होंगे बुध

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
नवसंवत्सर के राजा बुध व मंत्री चंद्र रहेंगे। वहीं, चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ सर्वार्थ सिद्धि योग में शुरू होकर रवियोग में समापन होगा। नवरात्रि में एक अप्रैल को दुर्गाष्टमी एवं नवमी एक साथ रहेगी। नवरात्रि का समापन दो अप्रैल को होगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार 25 मार्च को प्रतिपदा के साथ नव संवत्सर प्रारंभ होगा। इसी के साथ गुड़ी पड़वां का पर्व भी मनाया जाएगा।
भागवताचार्य और ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के मुताबिक नव संवत्सर के राजा बुध व मंत्री चंद्र रहेंगे। नवरात्रि के पहले दिन 25 मार्च को वृषभ लग्न में सुबह 8.35 से 10.33 तक घटस्थापना, कलश, अखंड ज्योति हेतु सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। रामनवमी रवि योग में मनाई जाएगी। नवरात्रि के दौरान लोग व्रत उपवास के साथ शति के लिए अनुष्ठान करेंगे। इसके अलावा माता के मंदिरों में रोजाना श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ती नजर आएगी। नवरात्रि का पर्व तंत्र साधना के लिए उपयुक्त अवसर है।
कलश,घटस्थापना व अखंड ज्योति के मुहूर्त
चौघडिय़ा अनुसार: सुबह 6 से 7.30 ‘लाभ, सुबह 7.30 से 9 ‘अमृत, सुबह 10.30 से 12 शुभ, दिन 3 से 4.30 ‘चरÓ शाम 4.30 से 6.00 ‘लाभ रात्रि 7.30 से 9 शुभ। स्थिर लग्न अनुसार: वृषभ 8.35 से 10.33 तक सुबह, सिंह लग्न 3.02 से 5.14 तक दिन, वृश्चिक लग्न 9.40 से 11.56 रात्रि तक।
ऐसा होगा नवसंवत्सर का मंत्रिमंडल
भागवताचार्य और ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री के अनुसार जिस तरह सरकार को चलाने के लिए राजा, मंत्री और अधिकारी की जरूरत होती है। उसी तरह आकाशमंडल में ग्रहों के चुनाव होते है। राजा (प्रधानमंत्री)- बुध -नवीन संवत्सर में राजा बुध होंगे। जो मंत्रिमंडल के प्रमुख होंगे। बुध के राजा होने से विश्व में मंगल होगा। मंत्री (गृहमंत्री)- देश की सरकार में जिस प्रकार गृहमंत्री को द्वितीय स्थान दिया जाता है। उसी प्रकार नवीन संवत्सर में चंद्रमा मंत्री होंगे। चंद्रमा के मंत्री होने से विश्व में सुख शांति रहेगी। धनेश (वित्तमंत्री)- देश के संचालन हेतु वित्त की व्यवस्था करना वित्त मंत्री की जिम्मेदारी होती है। ग्रहों के मंत्रीमंडल में यह कार्य धनेश करते हैं। नवीन संवत्सर 2077 में धनेश का यह पद गुरु के पास है। नए वर्ष में गुरु धनेश होंगे। दुर्गेश (रक्षामंत्री)- जिस प्रकार देश की सरकार में कभी- कभी एक मंत्री दो मंत्रालय संभालता है उसी प्रकार ग्रहों के मंत्रिमंडल में भी ऐसा होता है।

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