शीतला अष्टमी …सुबह से ही मंदिरों पर लगी रही महिलाओं की भीड़

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ग्वालियर।अजयभारत न्यूज
शीतला सप्तमी की पूजा इस बार महिलाओं ने इस बार सोमवार को की। शीतला सप्तमी रविवार को पड़ने के कारण इसका पूजन अष्टमी को किया गया। इसके चलते महिलाएं अल सुबह ही स्नान-ध्यान से निवृत होकर मां शीतलों के मंदिरों में पहुंच गई थीं। शहर के सभी प्रमुख शीतला माता के मंदिरों पर महिलाओं की लंबी कतारें भी देखी गईं। महिलाओं ने मां शीतला की पूजा-अर्चना कर उनसे निरोगी होने के साथ-साथ परिवार के लिए सुख-समृद्धि मांगीजिन परिवारों में मां शीतला का पूजन किया गया वहां चूल्हे पर कोई चीज नहीं बनाई गई। यहां तक कि चाय की जगह भी लोगों ने लस्सी से काम चलाया। माता शीतला को शीतल ठंडे व्यंजन और जल पसंद है। सोमवार को बासोड़ा के चलते महिलाओं ने एक दिन पहले रविवार को ही पुआ-पकौड़ी, पूरी, सब्जी, राबड़ी, बेसन की चक्की आदि पकवान बनाकर रख लिए थे। इन सभी पकवानों का मां शीतला को भोग लगाया गया। महिलाओं ने शीतला माता पर जल भी अर्पित किया। पूजा-अर्चना के बाद सभी परिजनों ने साथ बैठकर इन्हीं ठंडे पकवानों का भोजन किया।
6 विशिष्ट योगों में मनेगी चैत्र नवरात्रि
ग्वालियर। शक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि इस दफा 25 मार्च से शुरु हो रहा है। 2 अप्रैल को रामनवमी के साथ समाप्त होने वाले नवरात्रि महोत्सव में इस दफा छह विशिष्ट सिद्धयोग बन रहे हैं। ऐसे में नवरात्र का महत्व बढ़ जाता है। इन योगों में देवी की आराधना सिद्धयोगों में पूजा विशेष फलदायी तो होगी ही से मिलेगा पण्य मनोकामना पूर्ण करने वाली भी होगी। धार्मिक एवं पौराणिक मान्यता के अनुसार नवरात्रि में शक्ति स्वरुपा मां दुर्गा एवं उसके नौ रुपों की पूजा आराधना का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इन दिनों में माता की आराधना करने से समस्त कष्टों का नाश होता है। विपदाओं से मुक्ति मिलती है और सुख समृद्धि व सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष वासंतीय या चैत्र नवरात्र 25 मार्च को चैत्र शक्ल प्रतिपदा से शरु हो रहे है और 2 अप्रेल को रामनवमी पर समाप्त होंगे। चैत्र नवरात्र में ऋतु परिवर्तन होता है और गर्मी के मौसम की शुरुआत होती है। ऋतुओं के मिलन से इसका महत्व बढ़ जाता है। इसी वजह से इन दिनों में उपवास का महत्व है जो शरीर की शुद्धि के लिए जरुरी है।
चैत्र नवरात्र में पड़ेंगे शुभ योग
इस बार चैत्र नवरात्र में चार सर्वार्थ सिद्धि योग, एक अमृत सिद्धि योग व एक रवियोग बन रहा है। 26 एवं 27 मार्च को द्वितीय एवं तृतीय पर, 30 मार्च को छठी पर 31 मार्च सप्तमी पर सवार्थ सिद्धि योग हैं। जबकि 29 को पंचमी पर रवि योग एवं 30 मार्च को अमृत सिद्धि योग है। नवरात्र में विशिष्ट योगों का बहुत महत्व है। इनमें देवी की आराधना विशेष फलदायी होगी।
मंदिरों में तैयारियां
शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में नवरात्र मनाए जाने की जोरदार तैयारियां की जा रही है। शहर के प्रमुख करौली माता मंदिर महलगांव, वैष्णों देवी मंदिर झांसी रोड, नहरवाली माता मांढरे वाली माता एवं भेलसा वाली माता मंदिरों पर रंगाई पुताई व साफ सफाई का काम जोरों पर है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे है। इसी बीच कोरोना के संकट ने श्रद्धालुओं को चिंता में डाल दिया है। कोरोना के चलते मंदिरों पर ज्यादा भीड़ न रहने का अनुमान है। लोग घरों में ही रहकर देवी की आराधना करेंगे।

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